CJP Protest Lucknow : लखनऊ: राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया। देशभर में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी संख्या में छात्र और युवा यहां जुटे। प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने किया, जो दिल्ली और पुणे के बाद लखनऊ पहुंचे थे। प्रशासन ने पहले से भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर रखी थी।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों की वजह से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म करने की मांग उठाई।
अभिजीत दिपके ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी एक राज्य या एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के युवाओं की आवाज है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य बार-बार पेपर लीक और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है और अब युवा चुप बैठने वाले नहीं हैं।
Cockroach Janta Party पिछले कुछ हफ्तों में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई है। यह आंदोलन उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की गई थी। बाद में युवाओं ने इसी शब्द को अपने आंदोलन का प्रतीक बना लिया और इसे विरोध की आवाज में बदल दिया। देखते ही देखते लाखों युवा इस अभियान से जुड़ गए।
दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन के बाद अब आंदोलन को देशभर में फैलाने की कोशिश की जा रही है। पुणे में रैली के बाद लखनऊ का प्रदर्शन इस अभियान का अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
ईको गार्डन में प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने अपने अनुभव भी साझा किए। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षा रद्द होती है या पेपर लीक की खबर सामने आती है, तो सबसे बड़ा नुकसान उन युवाओं को होता है जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की होती है। इसी वजह से अब युवा जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। संगठन लगातार छात्रों और युवाओं से संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज उठाने की अपील कर रहा है। वहीं प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

