Iran US Deal News : तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही हाई-लेवल बातचीत को लेकर आज बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ संभावित समझौता “पहले कभी इतना करीब नहीं था”। उन्होंने बताया कि बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन अभी समझौते को पूरी तरह अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
आज की सबसे अहम बात यह रही कि ईरान ने पहली बार खुले तौर पर माना कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। दूसरी तरफ अमेरिकी पक्ष भी लगातार संकेत दे रहा है कि समझौते पर हस्ताक्षर आने वाले दिनों में हो सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि समझौते पर यूरोप में हस्ताक्षर हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हालांकि तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। ईरान के अंदर कई कट्टरपंथी नेताओं और संगठनों ने प्रस्तावित समझौते का विरोध शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि यह समझौता ईरान को पर्याप्त लाभ नहीं देता और देश के कुछ रणनीतिक हितों से समझौता किया जा सकता है। कई रूढ़िवादी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इस डील के खिलाफ बयान दिए हैं।
उधर मध्य पूर्व में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेबनान में हालिया इजरायली हमलों और क्षेत्रीय तनाव ने इस संभावित समझौते पर भी दबाव बढ़ा दिया है। ईरान ने इजरायल की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि हालात बिगड़ने पर जवाब दिया जाएगा।
रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से खोलने, कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, जमे हुए ईरानी फंड्स के मुद्दे और परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत जैसे विषय शामिल हैं। लेकिन इन शर्तों पर दोनों देशों की व्याख्या अभी भी अलग-अलग दिखाई दे रही है।
फिलहाल आज की सबसे बड़ी खबर यही है कि ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका के साथ समझौता “कभी इतना करीब नहीं था”। लेकिन साथ ही तेहरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम मंजूरी और आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। इसलिए डील हुई नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष पहले के मुकाबले समझौते के सबसे नजदीक जरूर दिखाई दे रहे हैं।

