Jantar Mantar Protest: नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक स्थलों, खास तौर पर मस्जिदों को लेकर सामने आ रही प्रशासनिक कार्रवाई और अन्य मुद्दों के विरोध में मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में मुस्लिम संगठनों के कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, संभल के सांसद जियाउर रहमान बर्क और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी शामिल हुए। प्रदर्शन का आयोजन Monitoring Committee of Indian Muslims की ओर से किया गया था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन में मुस्लिम संगठनों के साथ जमीयत उलेमा-ए-हिंद का समर्थन भी रहा। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई, कथित तौर पर बुलडोजर कार्रवाई, SIR यानी Special Intensive Revision तथा चुनावी प्रक्रिया से संबंधित अपनी चिंताएं सामने रखीं।
मस्जिदों पर कार्रवाई का मुद्दा केंद्र में रहा
प्रदर्शन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर चल रही कार्रवाई का मामला प्रमुखता से उठाया गया। आयोजकों की ओर से इसे धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मामलों के संदर्भ में सरकार के सामने अपनी बात रखने का जरिया बताया गया। Jantar Mantar Protest
हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण घोषित किए जाने के बाद ध्वस्त किया गया था। प्रशासन का कहना था कि निर्माण सरकारी जमीन पर था और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद कार्रवाई की गई। वहीं मस्जिद कमेटी की ओर से प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए और मामले को आगे अदालत में चुनौती देने की बात कही गई।

इसी प्रकरण को लेकर कैराना की सांसद इकरा हसन को भी सहारनपुर जाने से पुलिस द्वारा रोके जाने की खबर सामने आई थी। इकरा हसन का कहना था कि वह अधिकारियों से मिलने और अपने क्षेत्र के लोगों की चिंताओं को सामने रखने के लिए सहारनपुर जाना चाहती थीं। पुलिस की ओर से देर रात और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों का हवाला दिए जाने की बात रिपोर्टों में सामने आई थी।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन में भी धार्मिक स्थलों से जुड़े ऐसे ही मामलों को लेकर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता और कानून के तहत समान प्रक्रिया अपनाए जाने की मांग से जुड़े विचार रखे।
इकरा हसन समेत सांसदों की मौजूदगी..Jantar Mantar Protest
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के तीन सांसदों की मौजूदगी खास तौर पर चर्चा में रही। कैराना की सांसद इकरा हसन, संभल के सांसद जियाउर रहमान बर्क और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी कार्यक्रम में शामिल हुए। Jantar Mantar Protest
India Today की 29 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक इन सांसदों ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने कथित भेदभाव, चुनिंदा बुलडोजर कार्रवाई, वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की आशंकाओं और उज्जैन में मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने जैसे मुद्दे उठाए।
प्रदर्शन केवल मस्जिदों से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं रहा। SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं। आयोजकों की ओर से कहा गया था कि प्रदर्शन के जरिए सरकार और चुनाव आयोग के सामने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी जाएगी।
इससे पहले 28 सितंबर को भी चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर दिल्ली समेत कई स्थानों पर राजनीतिक प्रदर्शन हुए थे। जंतर-मंतर दिल्ली में लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के धरना-प्रदर्शन का प्रमुख स्थान रहा है।
कार्रवाई और गिरफ्तारी को लेकर क्या सामने आया?
आज के इस प्रदर्शन के संबंध में उपलब्ध प्रमुख रिपोर्टों में इकरा हसन, जियाउर रहमान बर्क और मोहिबुल्लाह नदवी के प्रदर्शन में शामिल होने की पुष्टि है, लेकिन 29 सितंबर के इस विशेष मस्जिद-विरोधी कार्रवाई वाले प्रदर्शन में इन तीनों सांसदों या प्रमुख आयोजकों की गिरफ्तारी की कोई विश्वसनीय पुष्टि मुझे नहीं मिली है। Jantar Mantar Protest
हालांकि, जंतर-मंतर पर इससे पहले 25 सितंबर को हुए अलग प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। उस प्रदर्शन का मुद्दा मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR से जुड़ा था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उस दौरान योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और अन्य लोग हिरासत में लिए गए थे। Jantar Mantar Protest
इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही प्रदर्शन मानना सही नहीं होगा। 29 सितंबर के मस्जिदों और अन्य मुद्दों से जुड़े प्रदर्शन में गिरफ्तारी की पुष्टि के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार बताया जाना उचित नहीं होगा।
कई मुद्दों को लेकर दिल्ली में जुटे लोग
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों, प्रशासनिक कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आयोजकों की ओर से धार्मिक स्थलों पर कथित कार्रवाई के अलावा SIR और चुनाव आयोग से जुड़े सवाल भी उठाए गए। Jantar Mantar Protest
टीवी9 भारतवर्ष ने प्रदर्शन से एक दिन पहले प्रकाशित रिपोर्ट में बताया था कि 29 सितंबर को Monitoring Committee of Indian Muslims की ओर से प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम में कई सांसदों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई थी।
वहीं 29 सितंबर को India Today ने प्रदर्शन के बाद बताया कि Monitoring Committee of Indian Muslims तथा अन्य मुस्लिम संगठनों की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया और समाजवादी पार्टी के सांसद इकरा हसन, जियाउर रहमान बर्क तथा मोहिबुल्लाह नदवी इसमें शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान उठाए गए मुद्दों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पक्षों की अपनी-अपनी राय है। ऐसे में आगे इस मामले पर प्रशासन, संबंधित राज्य सरकारों और अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई, SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर राजधानी दिल्ली में हुए प्रमुख प्रदर्शनों में शामिल रहा। Jantar Mantar Protest
Sources: India Today , TV9, Indian Express















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