Uddhav Thackeray in Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों में नया उत्साह देखने को मिला। विपक्ष के कई नेताओं के बाद अब उद्धव ठाकरे का धरना स्थल पर पहुंचना इस आंदोलन को लेकर बढ़ते राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्र और युवा परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था, जिसके बाद पूरे देश में इस मुद्दे को लेकर सियासी बहस तेज हो गई।
इसी बीच उद्धव ठाकरे का जंतर-मंतर पहुंचना विपक्षी एकजुटता का एक अहम संकेत माना जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) पहले भी छात्रों के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगती रही है। पार्टी का कहना है कि युवाओं की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का हल निकाला जाना चाहिए।
धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने उद्धव ठाकरे का स्वागत किया और अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य का आंदोलन है। उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।

प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं Uddhav Thackeray in Protest
सोमवार को हुई झड़प के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर रखा है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे विपक्ष के बड़े नेता आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे इस मुद्दे की राजनीतिक अहमियत भी बढ़ती जा रही है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की सक्रियता के बाद अब उद्धव ठाकरे की मौजूदगी ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।
हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग दोहरा रहे हैं।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या आंदोलन और तेज होता है। जंतर-मंतर पर छात्रों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है और विपक्षी नेताओं का पहुंचना इस पूरे घटनाक्रम को नई राजनीतिक दिशा देता दिखाई दे रहा है।Uddhav Thackeray in Protest















