होमदेश विदेश उत्तर प्रदेश क्रिकेट बॉलीवुडमिडिल ईस्ट तकनीक राजनितिक Web Stories
---Advertisement---

Imran Masood Statement: सहारनपुर में इमरान मसूद-आशु मलिक आमने-सामने! वायरल वीडियो पर दोनों की सफाई

---Advertisement---

HIGHLIGHTS

  • इमरान मसूद ने वायरल वीडियो पर सफाई दी।
  • बोले- बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ।
  • आशु मलिक ने भी मामले को सामान्य बताया।

Imran Masood Statement: सहारनपुर। सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक के बीच एक बैठक के दौरान हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब दोनों नेताओं ने लगभग एक ही बात कही है कि बैठक की सामान्य कार्यवाही को बेवजह विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि बैठक में कोई बहस या विवाद नहीं हुआ। उनके मुताबिक वह बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे और चेयर की जिम्मेदारी थी कि हर जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि जब एक व्यक्ति अपनी बात रख रहा हो तो पहले उसे पूरा बोलने देना चाहिए और उसके बाद दूसरा व्यक्ति अपना मुद्दा सामने रख सकता है।

वहीं सपा विधायक आशु मलिक ने भी मामले को ज्यादा तूल देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अक्सर बैठकों में अपने क्षेत्र की समस्याएं और सवाल उठाते हैं। बैठक या सदन की कार्यवाही में इस तरह की स्थिति सामान्य है और इसे किसी बड़े विवाद के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

इमरान मसूद ने कहा कि उन्होंने आशु मलिक के सवालों का बिंदुवार जवाब दिया और संबंधित सवाल पर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण दिए जाने की बात कही।

वायरल वीडियो ने क्यों बढ़ाई सियासी चर्चा?

19 अगस्त 2026 को सहारनपुर में हुई बैठक से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वीडियो में इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच बातचीत कुछ देर के लिए तीखी नजर आई। मसूद ने बैठक की प्रक्रिया का हवाला देते हुए बीच में बोलने से पहले चेयर की अनुमति लेने की बात कही थी। Imran Masood Statement

वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसे कांग्रेस और सपा के बीच बढ़ती दूरी से जोड़ना शुरू कर दिया। हालांकि दोनों नेताओं की बाद की सफाई इस बात की ओर इशारा करती है कि वे इस घटना को व्यक्तिगत टकराव या राजनीतिक विवाद के तौर पर पेश नहीं करना चाहते।

इमरान मसूद ने साफ कहा कि बैठक का मकसद विकास कार्यों की समीक्षा और जनता से जुड़े मामलों पर चर्चा करना था। उनके मुताबिक वह बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, इसलिए सभी सदस्यों को क्रम से बोलने का मौका देना उनकी जिम्मेदारी थी।

सांसद ने यह भी कहा कि उन्होंने आशु मलिक की ओर से उठाए गए मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि उसका बिंदुवार जवाब दिया और संबंधित सवाल पर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने की बात कही।

दूसरी ओर आशु मलिक ने भी कहा कि जनप्रतिनिधियों का अपनी बात रखना बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि बैठकों में कभी-कभी अपनी बात रखने को लेकर ऐसी स्थिति बन जाती है, लेकिन उसे विवाद का नाम देना सही नहीं होगा।

उनका कहना था कि बैठक किस तरीके से संचालित होनी चाहिए, इस संबंध में सही प्रक्रिया की बात रखी गई और उसके बाद बैठक आगे बढ़ गई। इसलिए इस घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की जरूरत नहीं है।

इस पूरे मामले में खास बात यह है कि दोनों नेताओं के बयान में तल्खी के बजाय स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश दिखाई दे रही है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि फिलहाल दोनों पक्ष इस मामले को राजनीतिक लड़ाई में बदलने के मूड में नहीं हैं।

इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच पहले भी सामने आ चुकी है तनातनी

हालांकि यह भी सच है कि इमरान मसूद और आशु मलिक के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सार्वजनिक हो चुके हैं। मई 2025 में दोनों नेताओं के बीच स्वास्थ्य शिविर और सहारनपुर देहात क्षेत्र से जुड़े मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हुई थी। Imran Masood Statement

उस समय एक वायरल वीडियो के बाद आशु मलिक की ओर से इमरान मसूद पर तीखे आरोप लगाए गए थे। बाद में मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंच गया था। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार आशु मलिक ने उस समय इमरान मसूद को खुली चुनौती भी दी थी और कहा था कि यदि राजनीतिक गलतफहमी है तो उसका जवाब राजनीतिक मैदान में दिया जाएगा।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में भी उस दौर में दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी और आशु मलिक के समर्थन में समाज के लोगों की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया गया था।

यही पुराना सियासी बैकग्राउंड है जिसकी वजह से इस बार बैठक का छोटा-सा वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में इमरान मसूद की अपनी मजबूत पहचान है, वहीं आशु मलिक सहारनपुर देहात से सपा विधायक हैं। Imran Masood Statement

इमरान मसूद 2024 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। इसके पहले उनका राजनीतिक सफर कांग्रेस, सपा और बसपा से होकर गुजरा है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस छोड़कर सपा में गए थे और बाद में 2023 में कांग्रेस में वापसी की।

इमरान मसूद का राजनीतिक अंदाज लंबे समय से बेबाक और मुखर रहा है। सहारनपुर की राजनीति में वह लगातार बड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। 2026 में भी वह राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई मुद्दों पर कांग्रेस की ओर से मुखर नजर आए हैं।

ऐसे में बैठक के दौरान उनकी और आशु मलिक की बातचीत का वीडियो वायरल होना स्वाभाविक तौर पर सियासी नजरिए से देखा गया।

दोनों नेताओं की सफाई से फिलहाल विवाद थमता नजर आया…Imran Masood Statement

वायरल वीडियो पर इमरान मसूद और आशु मलिक दोनों की सफाई सामने आने के बाद फिलहाल मामला शांत होता दिखाई दे रहा है। इमरान मसूद का कहना है कि बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ और वह केवल अध्यक्ष के रूप में बैठक की व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभा रहे थे। Imran Masood Statement

वहीं आशु मलिक ने भी इसे जनप्रतिनिधियों के बीच होने वाली सामान्य बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के मुद्दे उठाना जनप्रतिनिधियों का अधिकार और जिम्मेदारी है। बैठक में प्रक्रिया को लेकर जो बात हुई, उसके बाद बैठक सामान्य रूप से आगे बढ़ी।

इस घटनाक्रम को कांग्रेस-सपा रिश्तों के नजरिए से भी देखा जा रहा है। दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की विपक्षी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखती हैं और सहारनपुर जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल का अपना महत्व है।

लेकिन इस मामले में अभी तक दोनों नेताओं की तरफ से ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है जिससे यह माना जाए कि मामला किसी बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। उलटे दोनों नेताओं ने विवाद को बढ़ाने से बचने की बात कही है।

सियासत में कैमरे के सामने होने वाली छोटी-सी बातचीत भी कई बार बड़ी खबर बन जाती है। सोशल मीडिया के दौर में कुछ सेकंड का वीडियो तेजी से फैलता है और उसके आधार पर अलग-अलग अर्थ निकाले जाने लगते हैं। ऐसे में पूरे संदर्भ को देखना जरूरी है।

इमरान मसूद की सफाई के मुताबिक उन्होंने बैठक में आशु मलिक के सवालों का जवाब दिया और संबंधित मामले में एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने की बात कही। आशु मलिक की सफाई भी इसी दिशा में है कि बैठक की कार्यवाही को विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। Imran Masood Statement

फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से आया संदेश साफ है—बैठक में जो हुआ, उसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाए और इसे राजनीतिक लड़ाई या व्यक्तिगत विवाद न बनाया जाए।

हालांकि दोनों नेताओं के बीच पहले से चले आ रहे राजनीतिक मतभेदों को देखते हुए सहारनपुर की सियासत में इस घटनाक्रम पर निगाहें बनी रहना तय है। आने वाले दिनों में यदि दोनों नेता इस मुद्दे पर कोई और बयान देते हैं तो तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल मामला दोनों पक्षों की सफाई के बाद शांत होता नजर आ रहा है। Imran Masood Statement

Sources: ANI , नवभारत टाइम्स , Aajtak

Azmatulla

Hi, I am an experienced journalist and news writer with over 20 years of experience in the media industry. Throughout my career, I have worked with more than 15 Hindi and Urdu newspapers, covering a wide range of topics including politics, current affairs, national news, international developments, and social issues.With extensive experience in both print and digital journalism, I am committed to delivering accurate, reliable, and well-researched news to readers. My work focuses on presenting facts in a clear, balanced, and easy-to-understand manner while maintaining the highest standards of journalism.Over the years, I have contributed to numerous publications and continue to remain actively involved in both newspaper and digital media platforms. My goal is to keep readers informed with trustworthy news, meaningful analysis, and timely updates from around the world.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment