Saharanpur Mosque News: सहारनपुर कलैक्ट्रेट की 100 साल पुरानी मस्जिद को बड़ी राहत, जिला जज ने ध्वस्तीकरण आदेश पर लगाई रोक
नई दिल्ली/सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है। शहर के कलैक्ट्रेट परिसर में स्थित करीब 100 साल से अधिक पुरानी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में जिला जज की अदालत ने अपील पर सुनवाई करते हुए मस्जिद को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उपलब्ध दस्तावेज़ों, पुराने रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों को देखने के बाद निचली अदालत के ध्वस्तीकरण आदेश को फिलहाल प्रभावी नहीं रहने दिया। यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
इससे पहले नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को सरकारी भूमि पर बना अवैध निर्माण मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया था। साथ ही सरकारी ज़मीन पर कथित कब्ज़े को लेकर कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद प्रबंधन ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी।
अपील की सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अदालत के सामने पेश किए। इनमें बताया गया कि जिस गाटा संख्या 539 पर मस्जिद बनी है, वह जमीन वालिद खां और याकूब खां के नाम दर्ज थी। दावा किया गया कि इसी परिवार ने कलैक्ट्रेट, कोषागार और तहसील के निर्माण के लिए अपनी जमीन सरकार को दान दी थी। मस्जिद उसी परिसर का हिस्सा है और लंबे समय से इबादत के लिए इस्तेमाल होती रही है।
1911 का बिजली बिल बना बड़ा सबूत….
सुनवाई के दौरान वर्ष 1911 का बिजली बिल भी अदालत में पेश किया गया। मस्जिद पक्ष का कहना था कि यह दस्तावेज़ इस बात का सबूत है कि मस्जिद कोई नया निर्माण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक इमारत है। अदालत ने इन रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ों पर विचार करने के बाद अपील स्वीकार करते हुए मस्जिद को राहत प्रदान की। Saharanpur Mosque News

मामले की सुनवाई में यह दलील भी दी गई कि जिस परिसर में मस्जिद स्थित है, उसी इलाके में एक मंदिर भी मौजूद है। इसलिए पूरे मामले को केवल अतिक्रमण के नजरिए से नहीं बल्कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेज़ों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
कानूनी जानकारों का कहना है कि जिला जज का यह फैसला फिलहाल मस्जिद को बड़ी राहत देता है। हालांकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा रही है। यदि किसी पक्ष को फैसले पर आपत्ति होती है तो वह उच्च अदालत का दरवाज़ा भी खटखटा सकता है Saharanpur Mosque News
मस्जिद कमेटी ने कहा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा…
इस फैसले के बाद सहारनपुर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। मस्जिद से जुड़े लोगों ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत ने दस्तावेज़ों के आधार पर फैसला सुनाया है। वहीं प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। Saharanpur Mosque News
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों में ऐतिहासिक रिकॉर्ड, राजस्व अभिलेख और सरकारी दस्तावेज़ बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि इस मामले में भी पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज़ अदालत की सुनवाई का अहम हिस्सा बने।
फिलहाल जिला जज के फैसले के बाद कलैक्ट्रेट परिसर स्थित इस ऐतिहासिक मस्जिद पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होगी। आने वाले दिनों में यदि मामले में कोई नई कानूनी कार्रवाई होती है तो उसकी निगाहें भी इसी केस पर टिकी रहेंगी। Saharanpur Mosque News














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