Ajinkya Rahane Retirement : भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, भरोसेमंद और मुश्किल हालात में टीम को संभालने वाले बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले अजिंक्य रहाणे ने आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। करीब डेढ़ दशक तक टीम इंडिया के लिए खेलने वाले रहाणे ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास का ऐलान किया। उनके इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे दौर का अंत हो गया, जिसने विदेशी धरती पर भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
रहाणे का नाम भले ही हमेशा सुर्खियों में रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल नहीं रहा, लेकिन जब भी टीम इंडिया मुश्किल में फंसी, उन्होंने अपने बल्ले से जवाब दिया। यही वजह है कि क्रिकेट प्रेमी उन्हें आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज़ों में गिनते हैं।
भावुक वीडियो के साथ किया संन्यास का ऐलान
अजिंक्य रहाणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए कहा कि हर सफर की एक शुरुआत होती है और एक अंत भी। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज़ी में हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया और अब उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा लेने का भी यही सही समय है। उन्होंने अपने परिवार, कोच, साथियों और करोड़ों भारतीय फैंस का धन्यवाद भी किया।

उनके इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर #ThankYouRahane ट्रेंड करने लगा और फैंस ने उनके शानदार करियर को याद किया।
विदेशी पिचों पर बने भारत की सबसे बड़ी ताकत
अगर भारतीय क्रिकेट इतिहास में विदेशी ज़मीन पर शानदार बल्लेबाज़ी करने वाले खिलाड़ियों की बात होगी तो अजिंक्य रहाणे का नाम जरूर लिया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने कई ऐसी पारियां खेलीं, जिन्होंने भारत को जीत दिलाई। यही वजह है कि उन्हें भारत के बेहतरीन ओवरसीज़ टेस्ट बल्लेबाज़ों में गिना जाता है।

उनकी बल्लेबाज़ी में शोर नहीं था, लेकिन भरोसा जरूर था। तेज़ गेंदबाज़ों के सामने उनका डिफेंस और धैर्य टीम इंडिया के लिए कई बार ढाल बना।
मेलबर्न की सेंचुरी जिसने बदल दिया पूरा इतिहास
साल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा शायद रहाणे के करियर का सबसे सुनहरा अध्याय रहेगा।
एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था। इसके बाद विराट कोहली स्वदेश लौट गए और कप्तानी की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे के कंधों पर आ गई।

मेलबर्न टेस्ट में रहाणे ने शानदार शतक लगाया और कप्तानी से भी सबका दिल जीत लिया। भारत ने वह मुकाबला जीता और फिर ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर इतिहास रचते हुए 2-1 से सीरीज़ अपने नाम कर ली। यह जीत आज भी भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार टेस्ट सीरीज़ में गिनी जाती है।
Ajinkya Rahane Retirement के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर एक नजर
अजिंक्य रहाणे ने 2011 में भारत के लिए डेब्यू किया था। हालांकि उनका असली प्रभाव टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिला।
उन्होंने भारत के लिए:
- 85 टेस्ट मैच
- 90 वनडे
- 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन, 12 शतक और कई यादगार पारियां दर्ज हैं। उनका आखिरी टेस्ट मैच 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर था, जिसके बाद उन्हें टीम में वापसी का मौका नहीं मिला।
Ajinkya Rahane कप्तान के तौर पर भी छोड़ी अलग पहचान
रहाणे सिर्फ बल्लेबाज़ ही नहीं बल्कि शानदार कप्तान भी रहे।
जब-जब उन्हें कप्तानी मिली, उन्होंने शांत दिमाग से फैसले लिए। खास बात यह रही कि टेस्ट कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा और वे कभी टेस्ट सीरीज़ नहीं हारे। ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक जीत ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित कप्तानों में शामिल कर दिया।
‘क्राइसिस मैन’ क्यों कहा जाता था?
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि रहाणे उन खिलाड़ियों में थे जो दबाव में सबसे अच्छा खेलते थे।
जब टीम के बड़े बल्लेबाज़ जल्दी आउट हो जाते थे, तब रहाणे पारी संभालते थे। लॉर्ड्स, मेलबर्न, जोहानिसबर्ग, वेलिंगटन और कई विदेशी मैदानों पर उनकी पारियां आज भी याद की जाती हैं।

इसी वजह से कई विशेषज्ञ उन्हें “Man for the Crisis” भी कहते रहे।
Ajinkya Rahane Retirement से फैंस हुए भावुक
Ajinkya Rahane Retirement के बाद सोशल मीडिया पर हजारों क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें धन्यवाद कहा।
कई लोगों ने लिखा कि 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी कभी नहीं भूलाई जा सकती। कुछ फैंस ने उन्हें विराट कोहली के बाद भारत का सबसे बेहतरीन टेस्ट कप्तान बताया, जबकि कई लोगों ने उनकी शांत कप्तानी और टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता की तारीफ की।
क्या अब भी क्रिकेट खेलेंगे?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का मतलब यह नहीं कि रहाणे क्रिकेट से पूरी तरह दूर हो जाएंगे।
वह घरेलू क्रिकेट, लीग क्रिकेट और क्रिकेट से जुड़े दूसरे कामों में सक्रिय रह सकते हैं। पिछले कुछ समय से वह घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में खेलते रहे हैं, इसलिए फैंस उन्हें आने वाले समय में भी मैदान पर देख सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट के लिए हमेशा याद रहेंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे शायद उन खिलाड़ियों में नहीं थे जिनकी हर पारी पर सबसे ज्यादा चर्चा होती थी, लेकिन जब टीम इंडिया को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती थी, तब उनका बल्ला बोलता था।

उनकी बल्लेबाज़ी में संयम था, कप्तानी में आत्मविश्वास था और व्यवहार में सादगी। यही वजह है कि क्रिकेट इतिहास में उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
विदेशी धरती पर उनके शतक, ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक कप्तानी और मुश्किल समय में टीम इंडिया को संभालने का जज़्बा उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे खास खिलाड़ियों में शामिल करता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उनका सफर भले खत्म हो गया हो, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में “जिंक्स” हमेशा ज़िंदा रहेंगे। Ajinkya Rahane Retirement
Sources: Times of India,Reuters,BCCI,
Ajinkya Rahane Official Instagram/X (Retirement Post)




















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