Maulana Sajid Rashidi Statement: आनंद (गुजरात)। देश में मस्जिदों और धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों के बीच जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मौलाना मदनी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि इस्लाम पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा। दुनिया की कोई ताकत इस्लाम को खत्म नहीं कर सकती।
गुजरात के आनंद में मीडिया से बातचीत के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी ने जो बात कही है, वह बिल्कुल सही है। आज जिस तरह मस्जिदों को तोड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे मुस्लिम समाज के एक हिस्से में डर और बेचैनी का माहौल पैदा हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों से यह नहीं समझना चाहिए कि इस्लाम या उसकी धार्मिक पहचान समाप्त हो जाएगी।
मौलाना रशीदी ने कहा कि इस्लाम का इतिहास बहुत पुराना है। अलग-अलग दौर में कई तरह की चुनौतियां सामने आईं, लेकिन इस्लाम अपनी धार्मिक पहचान और मान्यताओं के साथ कायम रहा है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों को लेकर जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उन पर सरकारों और प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मदनी के बयान को बताया सही, इस्लाम की स्थायी मौजूदगी का किया जिक्र
मौलाना साजिद रशीदी ने मौलाना अरशद मदनी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज जिन मस्जिदों को गिराया जा रहा है, वे एक दिन फिर आबाद होंगी और वहां अजान की आवाज गूंजेगी। मौलाना मदनी ने यह भी कहा था कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इस्लाम को दुनिया की कोई ताकत समाप्त नहीं कर सकती। Maulana Sajid Rashidi Statement
मौलाना मदनी का यह बयान 27 अक्टूबर 2026 को सामने आया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपने विचार साझा किए थे। इसके बाद इस बयान को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चर्चा शुरू हुई। कई समाचार माध्यमों ने भी उनके बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

मौलाना साजिद रशीदी ने अपनी बातचीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत भी इस्लाम के पहले से मौजूद होने और आगे भी कायम रहने की बात कह चुके हैं। रशीदी के मुताबिक, इस्लाम की मौजूदगी को लेकर किसी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। Maulana Sajid Rashidi Statement
यहां यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि मौलाना रशीदी ने मोहन भागवत के जिस कथन का हवाला दिया, उसका सटीक संदर्भ और मूल वीडियो या बयान स्वतंत्र रूप से उपलब्ध स्रोतों से स्पष्ट नहीं हो सका है।

मस्जिदों, मजारों और मदरसों की सुरक्षा पर उठाए सवाल…Maulana Sajid Rashidi Statement
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि देश में मस्जिदों, मजारों और मदरसों को लेकर मुस्लिम समाज के भीतर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक समुदाय के लोगों को अपने धार्मिक स्थलों और संस्थानों की सुरक्षा को लेकर भय महसूस नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सरकारों से अपील करते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों को संविधान के तहत बराबरी का अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। यदि किसी धार्मिक स्थल या जमीन को लेकर कोई विवाद है तो उसका समाधान कानून और अदालतों के जरिए होना चाहिए। किसी भी मामले में कार्रवाई करते समय कानून का पालन और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। Maulana Sajid Rashidi Statement
मौलाना रशीदी ने कहा कि मुस्लिम समाज में यह भरोसा कायम करना जरूरी है कि उसकी मस्जिदें, मजारें और मदरसे सुरक्षित हैं। किसी भी समुदाय के मन में यह आशंका नहीं रहनी चाहिए कि उसके धार्मिक संस्थानों को कभी भी निशाना बनाया जा सकता है।
उनकी इस प्रतिक्रिया को धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और अल्पसंख्यक समुदाय के भरोसे से जुड़े सवालों के संदर्भ में देखा जा रहा है। देश में धार्मिक स्थलों से जुड़े विवाद कई बार कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बनते रहे हैं। ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों, अदालतों के फैसलों और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर होना चाहिए।
भाजपा को मुसलमानों का भरोसा जीतने की दी सलाह
मौलाना साजिद रशीदी ने राजनीतिक दलों और सरकारों की जिम्मेदारी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि उसका शासन लंबे समय तक कायम रहे तो उसे कांग्रेस की तरह मुसलमानों को भी साथ लेकर चलने की कोशिश करनी चाहिए। Maulana Sajid Rashidi Statement
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के लिए देश के सभी समुदायों का भरोसा हासिल करना जरूरी है। लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी केवल अपने समर्थकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसे हर नागरिक के अधिकारों और हितों का ख्याल रखना चाहिए।
रशीदी के मुताबिक, मुस्लिम समाज तभी सरकारों के साथ बेहतर तालमेल महसूस करेगा, जब उसके मन से धार्मिक स्थलों, मदरसों और दूसरी संस्थाओं की सुरक्षा को लेकर डर समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि भरोसा केवल बयानों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले कामों से कायम होता है। Maulana Sajid Rashidi Statement
गौरतलब है कि मौलाना अरशद मदनी ने भी अपने हालिया बयान में मस्जिदों और मदरसों से जुड़े मामलों पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि सरकारें हमेशा नहीं रहतीं और इस्लाम को समाप्त करने की कोशिशें पहले भी कामयाब नहीं हुईं। उनके बयान में मुसलमानों से निराश न होने और सब्र तथा हौसले के साथ आगे बढ़ने की बात भी कही गई थी।
मौलाना साजिद रशीदी की प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर मस्जिदों की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और मुस्लिम समाज के विश्वास जैसे मुद्दे चर्चा में आ गए हैं। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि देश के सभी नागरिकों को अपने धर्म और धार्मिक संस्थानों के संबंध में संविधान से मिले अधिकारों का भरोसा किस तरह मजबूत किया जाए। Maulana Sajid Rashidi Statement
भारत की विविधता और साझा संस्कृति की बुनियाद आपसी सम्मान, भाईचारे और कानून के बराबर इस्तेमाल पर टिकी है। धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों का समाधान भी इसी भावना के साथ होना चाहिए, ताकि किसी समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा न हो और समाज में अमन-चैन कायम रहे। Maulana Sajid Rashidi Statement
Sources: Roz Tak News , Live Hindustan , ABP , Zee News













