CUET-UG 2026 : देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसियों में शामिल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में आ गई है। पहले NEET परीक्षा को लेकर हुए विवाद, फिर CBSE से जुड़े आरोप और अब CUET-UG 2026 परीक्षा में देरी और तकनीकी समस्याओं ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। इसी मुद्दे को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।
शुक्रवार को देश के कई परीक्षा केंद्रों पर CUET-UG परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ केंद्रों पर तकनीकी खराबी और सिस्टम संबंधी दिक्कतों की वजह से परीक्षा में देरी हुई। इसके बाद NTA को दोपहर की शिफ्ट के समय में बदलाव करना पड़ा ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों ने अपनी नाराज़गी जाहिर की। कई छात्रों का कहना था कि लगातार बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ियां होना अब आम बात बन चुकी है। छात्रों ने सवाल उठाया कि आखिर देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं।
इसी बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने भी सरकार और NTA पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि पहले NEET, फिर CBSE और अब CUET में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में कोई भी बड़ी परीक्षा पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ नहीं हो पा रही है।
दरअसल पिछले कुछ वर्षों में NTA लगातार विवादों का सामना करती रही है। कभी पेपर लीक के आरोप लगे, कभी रिजल्ट में देरी हुई, तो कभी तकनीकी खराबियों की शिकायतें सामने आईं। हाल ही में NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हुआ था, जहां पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करने तक की नौबत आ गई थी। इस मामले ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी।
CUET को लेकर भी इससे पहले कई बार परिणामों में देरी, तकनीकी समस्याओं और परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठ चुके हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब करोड़ों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है, तब किसी भी तरह की लापरवाही छात्रों के करियर पर सीधा असर डाल सकती है।
हालांकि NTA ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि कुछ केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतों की वजह से परीक्षा प्रभावित हुई थी, लेकिन एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिफ्ट के समय में बदलाव किया और परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने की कोशिश की। NTA का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले भी NTA में सुधारों की बात कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि सरकार का लक्ष्य “Stress-Free” और “Zero Error” परीक्षा प्रणाली बनाना है। इसके लिए परीक्षा सुरक्षा, पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
लेकिन विपक्ष और छात्र संगठनों का कहना है कि केवल दावे करने से काम नहीं चलेगा। जब तक परीक्षा प्रणाली में जमीनी स्तर पर बड़े सुधार नहीं होंगे, तब तक छात्रों का भरोसा पूरी तरह वापस नहीं आ पाएगा।
फिलहाल CUET में हुई देरी और तकनीकी गड़बड़ियों ने एक बार फिर NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर और ज्यादा गर्मा सकता है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा हुआ है।

