Nisha Parveen Murder Case : नई दिल्ली: दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में 18 वर्षीय निशा परवीन की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और निशा के पति अंकित को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस वारदात में सिर्फ अंकित ही नहीं बल्कि उसके चार से पांच साथी भी शामिल थे। परिवार सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

परिवार के मुताबिक निशा परवीन ने करीब दो साल पहले अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ अंकित से प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही निशा को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। परिवार का कहना है कि अंकित अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और उसे मानसिक तथा शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।

परिजनों का दावा है कि घटना वाले दिन अंकित अपने चार दोस्तों को साथ लेकर आया था। आरोप है कि सभी ने मिलकर निशा के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने अब तक केवल अंकित को गिरफ्तार किया है। इसी बात को लेकर परिवार सवाल उठा रहा है कि यदि कई लोग घटना में शामिल थे तो बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

मिल्लत टाइम्स से बातचीत में परिवार की एक महिला सदस्य ने कहा कि उनकी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह उनकी बेटी की जान गई, उसी तरह मुख्य आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भी सवाल पूछते हुए कहा कि उन्हें न्याय कब मिलेगा।

निशा के भाई ने दावा किया है कि इस मामले में अंकित के अलावा विकास, हेमराज, योगेश और तोहित नाम के लोग भी शामिल थे। परिवार का कहना है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद अंकित इलाके में आया था और उसने कुछ लोगों को धमकियां भी दी थीं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस की ओर से फिलहाल मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है।

इस बीच इलाके में घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोग पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई मुख्य आरोपी अंकित की गिरफ्तारी के रूप में हुई है, लेकिन परिवार का कहना है कि जब तक अन्य कथित आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। Nisha Parveen Murder Case