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Aaine Hind Book : दिल्ली में लॉन्च हुई आइने-हिंद, संविधान और हक़ूक़ पर हुई बड़ी चर्चा, उलेमा, वकील और सांसद एक मंच पर

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Aaine Hind Book : नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मौलाना सैयद काब रशीदी की किताब “आइने-हिंद: एक फिक्री मुताला” का शानदार लोकार्पण किया गया। इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उलेमा, वकील, तालीमी शख्सियतें, सोशल एक्टिविस्ट और समाजी रहनुमा एक मंच पर नजर आए। कार्यक्रम में भारतीय संविधान, नागरिक हक़ूक़ और मौजूदा दौर में कानूनी जागरूकता जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बात हुई।

तकरीब की सदारत मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने की। अपने खिताब में उन्होंने कहा कि भारत का संविधान मुल्क की ताकत है और हर नागरिक को इसके बारे में सही मालूमात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने हक़ और जिम्मेदारियों दोनों को समझना होगा, तभी एक बेहतर समाज की तामीर हो सकती है।

वही सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एच.आर. खान ने भी अपने ख्यालात पेश किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोगों का अपने संविधान और कानून से वाकिफ होना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुल्क का संविधान हर नागरिक को बराबरी और इंसाफ का हक देता है। एच.आर. खान ने कहा कि जब लोग अपने हक़ूक़ और कानून को समझेंगे, तभी समाज में जागरूकता बढ़ेगी और लोग अपने अधिकारों की बेहतर तरीके से हिफाजत कर सकेंगे।

इस मौके पर मौलाना डॉ. शकीब कासमी (नायब मोहतमिम, दारुल उलूम वक्फ देवबंद), डॉ. अब्दुल कदीर (चेयरमैन, शाहीन इंस्टीट्यूशन, बीदर), सांसद मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी, बाबा नजर मोहम्मद खान, एडवोकेट सीमाब कय्यूम, मौलाना हिलाल कासमी और आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. सलीम बेग समेत कई अहम शख्सियतें मौजूद रहीं।

वक्ताओं ने कहा कि “आइने-हिंद: एक फिक्री मुताला” सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि संविधान को आसान अंदाज में समझाने की एक कोशिश है। किताब में भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों और समाज से जुड़े कई अहम पहलुओं पर रोशनी डाली गई है। वक्ताओं का मानना है कि यह किताब खास तौर पर नौजवानों और छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

तकरीब के दौरान किताब का रस्मी तौर पर लोकार्पण किया गया और मौजूद मेहमानों ने इसके लेखक मौलाना सैयद काब रशीदी को मुबारकबाद पेश की। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की और संविधान से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय भी रखी।

आयोजकों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को संविधान से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन मुल्क में अमन, भाईचारे और इंसाफ की दुआ के साथ हुआ। Aaine Hind Book :

Shahzar

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