PhD Scholar Death: चंडीगढ़: Panjab University में एक PhD स्कॉलर की कथित तौर पर करंट लगने से मौत के बाद पूरे कैंपस में ग़म और ग़ुस्से का माहौल बन गया। भारी बारिश के दौरान कैंपस की सड़क पर पानी भर गया था। आरोप है कि उसी जलभराव वाले रास्ते से गुजरते समय छात्र को बिजली का करंट लगा, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि कैंपस में हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतज़ाम किए जाते, बिजली व्यवस्था की जांच होती और जलनिकासी बेहतर होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई और मृतक छात्र के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
छात्र संगठनों ने कहा कि यह केवल एक छात्र की मौत का मामला नहीं, बल्कि पूरे कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। उनका कहना है कि रिसर्च स्कॉलर और छात्र दिन-रात कैंपस में रहते हैं, इसलिए सुरक्षित माहौल देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि घटना की न्यायिक या स्वतंत्र जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत शोधार्थी को श्रद्धांजलि दी। छात्रों का कहना था कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि कैंपस में बिजली के खुले तार, जलभराव और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी समस्याएं बनी रहेंगी तो ऐसे हादसों का खतरा हमेशा रहेगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा मामले की जांच की जा रही..
दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। PhD Scholar Death

बारिश के मौसम में देश के कई शिक्षण संस्थानों में जलभराव और बिजली सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कैंपस में नियमित इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान अनिवार्य होना चाहिए ताकि छात्रों की जान जोखिम में न पड़े।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है। बड़ी संख्या में लोगों ने मृतक शोधार्थी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कैंपस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की। कई पूर्व छात्रों ने भी प्रशासन से पारदर्शी जांच और जिम्मेदारी तय करने की अपील की है।
छात्रों ने कहा छात्र सुरक्षा और इंसाफ़ की मांग के लिए..PhD Scholar Death
छात्रों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीति के लिए नहीं बल्कि छात्र सुरक्षा और इंसाफ़ की मांग के लिए है। उनका कहना है कि जब तक घटना की निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने और सुरक्षा सुधारों का स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आता, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है। PhD Scholar Death
पंजाब विश्वविद्यालय में पीएचडी छात्र की मौत के बाद परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन को आशंका है कि छात्र जंतर-मंतर की तरह लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर छात्रों से बातचीत की और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी कमी या लापरवाही हुई है, उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। PhD Scholar Death
पंजाब विश्वविद्यालय के लिए बेहद दुखद घटना
प्रशासन ने यह भी स्वीकार किया कि पीएचडी छात्र की मौत पंजाब विश्वविद्यालय के लिए बेहद दुखद घटना है। अधिकारियों ने कहा कि यह घटना विश्वविद्यालय की छवि पर एक बड़ा धब्बा है और सभी इस घटना से बेहद आहत हैं।
इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की। PhD Scholar Death
अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की हर बात सुनी जाएगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्रशासन ने विश्वास दिलाया कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल कैंपस में स्थिति पर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की नजर बनी हुई है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और सभी पक्षों की निगाह जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। PhD Scholar Death
Sources: ANI, Times of India, Panjab University (Official) ,Local Administration Inputs, Chandigarh Police (Official Updates, if issued)















