Land Investment Scam: शामली। जमीन में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर कथित तौर पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। थाना कांधला में दर्ज शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप लांबा निवासी हरवेली दिल्ली, विजेन्द्र सिंह निवासी सोनीपत, बंटी निवासी हापुड़ और लोकेश तोमर निवासी मुंडाली, मेरठ बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम में से 4 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
पुलिस के अनुसार थाना कांधला क्षेत्र के अब्दुल वाहिद की ओर से इस मामले में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने जमीन में निवेश कराने और कम समय में रकम को दोगुना करने का लालच देकर उनसे धनराशि हासिल की। आरोप है कि ठगी का यह खेल सामान्य तरीके से नहीं बल्कि एक सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, जिसमें खुद को बड़ा क्रेता या व्यवसायी बताया जाता था।
जांच में पुलिस को कथित तौर पर ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली, जो फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन के सौदे तैयार करते थे। इसके बाद फर्जी खरीदार खड़ा कर जमीन को वास्तविक कीमत से अधिक दर पर बेचने का भरोसा दिलाया जाता था और इसी लालच में निवेशकों से रकम ली जाती थी।
फर्जी पहचान और खरीदार बनाकर तैयार किया जाता था पूरा खेल
पुलिस के मुताबिक आरोपियों का तरीका-ए-वारदात काफी योजनाबद्ध था। पहले जमीन की खरीद-फरोख्त में रुचि रखने वाले व्यक्ति या निवेशक को भरोसे में लिया जाता था। इसके बाद खुद को बड़े कारोबारी या जमीन के बड़े खरीदार के रूप में पेश कर जमीन में अच्छा मुनाफा होने की बात कही जाती थी। Land Investment Scam
आरोप है कि जमीन को वास्तविक कीमत से ज्यादा कीमत पर बेचने का झांसा देकर निवेशक को यह यकीन दिलाया जाता था कि थोड़े समय में उसे मोटा मुनाफा मिल जाएगा। इसी दौरान फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए सौदे को वास्तविक दिखाने की कोशिश की जाती थी।
पुलिस जांच में एक जमीन सौदे का भी जिक्र सामने आया है, जिसमें करीब तीन किल्ले जमीन का सौदा लगभग 8.70 करोड़ रुपये में तय कराने और इसके एवज में करीब 36 लाख रुपये बयाना लेने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार रकम हासिल करने के बाद पीड़ित पक्ष से आगे भी धनराशि की मांग की गई। इस पूरे लेनदेन और कथित ठगी की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया।
मामले की जांच में क्षेत्राधिकारी कैराना हेमंत कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर/क्राइम जितेन्द्र यादव, थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम को लगाया गया। टीमों ने मोबाइल और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को आरोपियों के कथित नेटवर्क और उनकी गतिविधियों से जुड़े कई सुराग मिले।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि आरोपी कथित तौर पर एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और शामली के अलावा NCR क्षेत्र के अलग-अलग जनपदों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी मिली है।
दिल्ली, सोनीपत, हापुड़ और मेरठ से जुड़े आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें प्रदीप लांबा निवासी हरवेली दिल्ली, विजेन्द्र सिंह निवासी जनपद सोनीपत, बंटी निवासी जनपद हापुड़ और लोकेश तोमर निवासी मुंडाली जनपद मेरठ शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक चारों आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है। Land Investment Scam
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम में से चार लाख रुपये नकद बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ठगी गई बाकी रकम कहां गई और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमों को लगाया गया है। साथ ही बरामद रकम और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले का खुलासा शामली पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह की ओर से किया गया। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रचलित है।
निवेशकों को जमीन के नाम पर दिया जाता था मुनाफे का लालच
जमीन में निवेश कर कम समय में बड़ी रकम हासिल करने का लालच लोगों को अक्सर ऐसे फर्जीवाड़े के जाल में फंसा देता है। इस मामले में भी पुलिस की जांच के मुताबिक जमीन की वास्तविक कीमत और संभावित बिक्री कीमत के बीच बड़े अंतर का लालच दिखाकर निवेशकों को रकम लगाने के लिए तैयार किया जाता था।
Land Investment Scam
आरोपियों द्वारा खुद को बड़ा खरीदार या कारोबारी बताने की बात भी जांच में सामने आई है। इसके साथ ही फर्जी खरीदार तैयार कर सौदे को असली दिखाने का प्रयास किए जाने का आरोप है। अगर जमीन की कीमत और सौदे के दस्तावेजों में अंतर होता है तो आम निवेशक के लिए वास्तविक स्थिति समझना मुश्किल हो सकता है। इसी कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के अनुसार ऐसे मामलों में जमीन के दस्तावेज, बयाना राशि, बैंक लेनदेन, मोबाइल बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दिशा में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया।
रॉयल बुलेटिन की 7 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में भी पुलिस कार्रवाई के हवाले से चार आरोपियों की गिरफ्तारी, 4 लाख रुपये नकद बरामद होने और करीब 8.70 करोड़ रुपये के जमीन सौदे से जुड़े दावे का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी रहने की बात कही है।
पुलिस की जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश..Land Investment Scam
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ सकता है। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि कथित गिरोह ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया, किन-किन जगहों पर जमीन के सौदे कराए गए और ठगी से हासिल रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। Land Investment Scam
पुलिस के सामने यह भी अहम सवाल होगा कि कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए गए और फर्जी खरीदारों की भूमिका क्या थी। इसके अलावा जिन लोगों ने आरोपियों के साथ जमीन के सौदों में किसी तरह की मदद की, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
पुलिस के अनुसार मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इसलिए पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष और अदालत के अंतिम फैसले तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। Land Investment Scam
फिलहाल चार आरोपियों की गिरफ्तारी और 4 लाख रुपये की बरामदगी को इस मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस टीम का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और तकनीकी जांच की जा रही है।
जमीन के नाम पर निवेश कराने वाले मामलों में लोगों के लिए भी यह घटना एक सबक है कि किसी भी बड़े मुनाफे के लालच में पैसा लगाने से पहले जमीन के स्वामित्व, दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड, बाजार कीमत और खरीदार की वास्तविक पहचान की पूरी पड़ताल करना जरूरी है। खासकर जब कोई व्यक्ति कम समय में रकम दोगुनी या असामान्य रूप से ज्यादा मुनाफे का भरोसा दे रहा हो, तो सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।
शामली पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब निगाह इस बात पर है कि पूछताछ और आगे की जांच में कथित गिरोह के कितने और सदस्य सामने आते हैं तथा दूसरे जिलों में की गई कथित ठगी से जुड़े मामलों की कितनी कड़ियां इस प्रकरण से जुड़ती हैं। Land Investment Scam
Sources: शामली पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई संबंधी सूचना एवं एसपी एनपी सिंह की बाइट का विवरण। , Royal Bulletin , Shamli Police

















