Rana Majra Ijtema 2026: कैराना, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित गांव राणा माजरा में आयोजित तीन दिवसीय विशाल तब्लीगी इज्तिमा अमन-ओ-आफियत और पूरी इंसानियत की भलाई के लिए की गई दुआ के साथ संपन्न हो गया। इज्तिमा में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों लोगों ने शिरकत की। तीन दिनों तक गांव राणा माजरा और आसपास के इलाके में दीनी माहौल बना रहा। इज्तिमा में तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना मुहम्मद साद कंधलवी के कई अहम खिताब हुए, जिनमें नमाज की अहमियत, इक़ामत-ए-सलात, दीनी जिम्मेदारियों और समाज की इस्लाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से रोशनी डाली गई।
इज्तिमा के आखिरी दिन भी बड़ी तादाद में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। लोगों ने दीनी बयानात सुने और अपनी जिंदगी को दीन की तालीमात के मुताबिक बेहतर बनाने का संकल्प लिया। समापन के मौके पर मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे, आपसी मोहब्बत और इंसानियत की भलाई के लिए दुआ की गई। इसके साथ ही तीन दिनों से जारी दीनी और तब्लीगी गतिविधियों का समापन हुआ।
नमाज की पाबंदी और इक़ामत-ए-सलात पर खास जोर
इज्तिमा की आखिरी निशस्त को खिताब करते हुए मौलाना मुहम्मद साद कंधलवी ने कहा कि दीनी इज्तिमा का मकसद केवल लोगों का एक जगह जमा होना नहीं है, बल्कि इंसान की जिंदगी में दीनी फिक्र पैदा करना और उसके अमल में सुधार लाना है। ऐसे इज्तिमा इंसान की तामीर और समाज की इस्लाह के अहम मरकज होते हैं। इनका उद्देश्य लोगों के दिलों में अल्लाह और उसके रसूल की तालीमात की मोहब्बत पैदा करना और जिंदगी को शरीयत के मुताबिक गुजारने की तरफ मुतवज्जह करना है। Rana Majra Ijtema 2026
उन्होंने मुसलमानों में नमाज के प्रति बढ़ती लापरवाही पर अफसोस जताते हुए कहा कि पांच वक्त की नमाज इस्लाम के बुनियादी अरकान में से है। नमाज बंदे का अपने रब से रिश्ता मजबूत करती है और इंसान को बुराइयों से बचने की तालीम देती है। इसके बावजूद बड़ी तादाद में लोग नमाज के मामले में कोताही बरतते हैं, जो गंभीर फिक्र का विषय है।
मौलाना ने कहा कि हर मुसलमान को अपनी जिंदगी में नमाज को सबसे अहम जगह देनी चाहिए। नमाज केवल किसी खास मौके या परेशानी के समय अदा करने की इबादत नहीं, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा है। उन्होंने इक़ामत-ए-सलात की वजाहत करते हुए कहा कि इसका मतलब केवल नमाज अदा कर लेना नहीं, बल्कि उसे पूरी पाबंदी, वक्त की हिफाजत और लगातार अमल के साथ कायम करना है। Rana Majra Ijtema 2026
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपने घरों में भी नमाज का माहौल बनाना चाहिए। बच्चों को बचपन से नमाज की तालीम दी जाए और परिवार के सभी लोग इस सिलसिले में एक-दूसरे की रहनुमाई करें। जब इंसान अपनी इबादत और अखलाक को बेहतर बनाता है तो उसका असर परिवार और पूरे समाज पर भी पड़ता है।

खुसूसी गश्त और दीनी जिम्मेदारियों को बताया अहम..Rana Majra Ijtema 2026
तब्लीगी जमात के निजाम-ए-दावत का जिक्र करते हुए मौलाना मुहम्मद साद कंधलवी ने खुसूसी गश्त की अहमियत पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि लोगों से व्यक्तिगत मुलाकात करके उन्हें नमाज और दीनी फराइज की तरफ मुतवज्जह करना दावत के काम का अहम हिस्सा है। इस सिलसिले को नियमित और प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि समाज का कोई भी व्यक्ति दीनी तालीम और नमाज की पाबंदी से दूर न रहे। Rana Majra Ijtema 2026
उन्होंने जमात के जिम्मेदारों और अमीरों को इस काम में गंभीरता और निरंतरता बरतने की हिदायत दी। उनके मुताबिक दावत का काम मोहब्बत, नरमी और अच्छे अखलाक के साथ किया जाना चाहिए। लोगों तक दीन की बात पहुंचाने में व्यवहार और किरदार की अहम भूमिका होती है।
मौलाना ने मोबाइल फोन और तस्वीरें खींचने के संबंध में भी बातचीत की। उन्होंने मौजूदा दौर में बढ़ती गैरजरूरी मशगूलियतों का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमानों को अपने रोजमर्रा के मामलात में एहतियात बरतनी चाहिए और शरीयत की तालीमात को सामने रखना चाहिए। उन्होंने दीनी कामों में एकाग्रता बनाए रखने और गैरजरूरी गतिविधियों से बचने की तरफ भी तवज्जह दिलाई। Rana Majra Ijtema 2026
इज्तिमा के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और खानकाह बोडिया के सज्जादानशीन अलहाज पीर जी हाफिज हुसैन अहमद कादरी मुजद्दिदी ने रात के समय मौलाना मुहम्मद साद कंधलवी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों शख्सियतों के बीच हरियाणा के मौजूदा हालात और दूसरे अहम विषयों पर बातचीत हुई। इस मुलाकात को इज्तिमा के दौरान हुई महत्वपूर्ण मुलाकातों में शामिल किया गया।

स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
तीन दिवसीय इज्तिमा के कामयाब आयोजन में स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद अहम रही। आसपास के गांवों के हजारों लोगों ने अपनी मर्जी से सेवाएं दीं और इंतजामात को बेहतर बनाने में सहयोग किया। इज्तिमा स्थल के आसपास अलग-अलग स्थानों पर स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी, जो आने-जाने वाले लोगों की मदद करने के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे। Rana Majra Ijtema 2026
दूर-दराज से आने वाले जायरीन और प्रतिभागियों की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी तादाद में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखना आयोजकों के सामने एक बड़ी जिम्मेदारी थी। स्थानीय ग्रामीणों ने इस जिम्मेदारी को निभाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि स्थानीय लोगों के सहयोग और बेहतर इंतजामी व्यवस्था के चलते पुलिस को ज्यादा हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं पड़ी। पूरे कार्यक्रम के दौरान अमन-ओ-अमान बनाए रखने पर खास ध्यान दिया गया। Rana Majra Ijtema 2026
गौरतलब है कि राणा माजरा में आयोजित इस विशाल इज्तिमा की तैयारियां कई महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इसमें शामिल होने पहुंचे। पड़ोसी जिला शामली के कस्बा कैराना और आसपास के गांवों से भी हजारों लोगों ने शिरकत की।
इज्तिमा के शांतिपूर्ण समापन के बाद आयोजकों ने स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवकों, पुलिस प्रशासन और व्यवस्था में सहयोग करने वाले तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में नमाज की पाबंदी, दीनी जिम्मेदारियों, आपसी मोहब्बत और समाज की इस्लाह का पैगाम दिया गया। आखिर में मुल्क और पूरी इंसानियत के लिए अमन, सलामती और खुशहाली की दुआ के साथ इज्तिमा का समापन हुआ। Rana Majra Ijtema 2026
Sources: Daily Sach kahoon , RozTakNews













