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Asim Waqar Joins Congress: ओवैसी को बड़ा झटका! AIMIM छोड़ आसिम वकार ने थामा कांग्रेस का हाथ

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HIGHLIGHTS

  • आसिम वकार AIMIM छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए।
  • बोले- भाजपा को हराने वाले के साथ खड़ा हूं।
  • यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस को मिला नया सियासी चेहरा।

Asim Waqar Joins Congress: नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार ने बुधवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ अपनी सियासी रणनीति को खुलकर सामने रखा और कहा कि वह उस ताकत के साथ खड़े होना चाहते हैं, जो भाजपा को चुनावी मैदान में शिकस्त देने की क्षमता रखती हो।
Asim Waqar Joins Congress

कांग्रेस में शामिल होने के बाद आसिम वकार ने मुसलमानों के राजनीतिक रुझान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि देशभर में भाजपा को हराने की सबसे ज्यादा इच्छा मुस्लिम समाज में है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी मुस्लिम हैं और उनकी अपनी प्राथमिकता भाजपा को हराना है। हालांकि, उनके इस बयान को उनके व्यक्तिगत राजनीतिक नजरिए के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि पूरे मुस्लिम समाज की एक समान राय के रूप में।

वकार ने यह भी कहा कि वह उस व्यक्ति या राजनीतिक ताकत के साथ खड़े होंगे, जो उन्हें भाजपा का मुकाबला करने में मजबूत दिखाई दे। उनके इस बयान ने कांग्रेस में उनके प्रवेश को महज पार्टी बदलने की घटना के बजाय आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव के राजनीतिक समीकरण से जोड़ दिया है।

AIMIM छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा, ओवैसी की पार्टी पर उठाए सवाल

सैयद आसिम वकार लंबे समय तक AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी के साथ जुड़े रहे हैं। वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर टेलीविजन बहसों और राजनीतिक मंचों पर AIMIM का पक्ष रखते रहे। बुधवार को कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
Asim Waqar Joins Congress

वकार ने आरोप लगाया कि AIMIM जमीनी स्तर पर उन विपक्षी दलों के खिलाफ ज्यादा लड़ती है, जो भाजपा को चुनौती दे रहे हैं। उनका दावा है कि ऐसी रणनीति का फायदा आखिरकार भाजपा को पहुंचता है। इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, वकार ने AIMIM छोड़ने के पीछे इसी राजनीतिक मतभेद को अहम वजह बताया।

उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा कि उनका मकसद विधायक या सांसद बनना नहीं है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाना और कांग्रेस को सरकार में लाना है। उन्होंने राहुल गांधी की भी तारीफ करते हुए उन्हें भाजपा से मुकाबला करने वाला प्रमुख विपक्षी नेता बताया।

कांग्रेस में वकार की एंट्री ऐसे वक्त हुई है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा राज्य है और यहां चुनावी मुकाबले का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई देता है। ऐसे में AIMIM के एक चर्चित चेहरे का कांग्रेस में आना कांग्रेस के लिए खास तौर पर मुस्लिम मतदाताओं के बीच राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

वकार के कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी मौजूद रहे। यह तस्वीर भी बताती है कि कांग्रेस ने उनके प्रवेश को सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय यूपी की आगामी सियासत से जोड़कर देखा है।

मुस्लिम वोट और विपक्षी एकजुटता पर सियासी बहस तेज

आसिम वकार का बयान सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की उस चुनावी राजनीति से जुड़ता है, जिसमें मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका कई सीटों पर अहम मानी जाती है। लेकिन उनके बयान का दूसरा पहलू विपक्षी वोटों के बिखराव से जुड़ा है।
Asim Waqar Joins Congress

वकार का आरोप है कि AIMIM की चुनावी मौजूदगी और उसकी राजनीतिक रणनीति कई जगहों पर विपक्षी वोटों को प्रभावित करती है, जिससे भाजपा को फायदा हो सकता है। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने के बाद इसी वजह से अपनी पुरानी पार्टी से दूरी बनाने की बात कही। हालांकि AIMIM की तरफ से इस आरोप को स्वीकार किए जाने की बात सामने नहीं आई है। इसलिए वकार के आरोपों को उनके राजनीतिक पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

यहां यह समझना भी जरूरी है कि चुनावी राजनीति में किसी एक समुदाय के वोट को एकमुश्त मान लेना आसान लेकिन सही विश्लेषण नहीं होता। मुस्लिम मतदाता भी अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय उम्मीदवार, पार्टी की नीतियां, विकास, रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और दूसरे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग फैसला कर सकते हैं।

आसिम वकार ने अपने बयान में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में गरीब और अमीर बच्चों के लिए शिक्षा के अवसरों में अंतर नहीं होना चाहिए और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी काम करने की जरूरत है। एबीपी लाइव की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि हिंदू-मुसलमान को देश का मुख्य विषय नहीं बनाया जाना चाहिए और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विकास पर बात होनी चाहिए।

यह बयान उनके कांग्रेस में प्रवेश को केवल भाजपा विरोध तक सीमित नहीं रखता, बल्कि विकास और सामाजिक मुद्दों से जोड़ने की कोशिश भी दिखाई देता है।

पुराना राजनीतिक सफर भी चर्चा में..Asim Waqar Joins Congress

आसिम वकार की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इस घटनाक्रम को अहम बनाती है। टाइम्स नाउ नवभारत के मुताबिक, AIMIM से पहले वह समाजवादी पार्टी में भी सक्रिय रहे और करीब दो दशक तक समाजवादी राजनीति से जुड़े होने का उल्लेख किया गया है। बाद में वह AIMIM से जुड़े और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर प्रमुख चेहरा बने।
Asim Waqar Joins Congress

2017 के बाद उत्तर प्रदेश में AIMIM ने अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की। पार्टी ने कई चुनावों में उम्मीदवार उतारे और मुस्लिम बहुल इलाकों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश की। ऐसे में वकार जैसे मुखर नेता का कांग्रेस में जाना AIMIM के लिए निश्चित तौर पर राजनीतिक चुनौती है, खासकर तब जब यूपी विधानसभा चुनाव सामने हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वकार लंबे समय तक टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर AIMIM की आवाज रहे हैं। इसलिए उनके पास राजनीतिक पहचान और सार्वजनिक संपर्क का अनुभव है।

हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि उनके कांग्रेस में आने से चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा। किसी भी नेता का पार्टी बदलना तभी बड़ा चुनावी असर पैदा करता है, जब वह अपने साथ संगठनात्मक नेटवर्क, स्थानीय कार्यकर्ता और प्रभावशाली वोट आधार भी लेकर आए।

फिलहाल वकार ने अपनी प्राथमिकता साफ कर दी है। उनका कहना है कि वह किसी पद या टिकट के लिए कांग्रेस में नहीं आए हैं, बल्कि भाजपा को हराने और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष को मजबूत करने के मकसद से कांग्रेस के साथ खड़े हुए हैं। Asim Waqar Joins Congress

उनका यह रुख उत्तर प्रदेश की आने वाली सियासत में किस तरह का असर पैदा करता है, यह आने वाले महीनों में साफ होगा। कांग्रेस इसे अपने पक्ष में राजनीतिक संदेश के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है, जबकि AIMIM के लिए यह अपने संगठन और राजनीतिक रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े करता है।
Asim Waqar Joins Congress

कुल मिलाकर, आसिम वकार का कांग्रेस में प्रवेश यूपी की चुनावी सियासत में एक नया अध्याय खोलता है। भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता, मुस्लिम मतदाताओं की राजनीतिक पसंद, AIMIM की चुनावी भूमिका और कांग्रेस की रणनीति—इन सभी मुद्दों पर आने वाले दिनों में बहस और तेज होने की संभावना है।
Asim Waqar Joins Congress

Sources: Abp live, Times of India, Tha Indian Express,PTI

Azmatulla

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