Bhiwandi Building Collapse: मुंबई/भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे कई लोग मलबे के नीचे दब गए। राहत एवं बचाव दल पूरी रात और सुबह तक लगातार अभियान चलाते रहे। शुरुआती जानकारी में तीन शव मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने बताया कि मृतकों की संख्या 9 हो गई है। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ अन्य के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा देर रात उस समय हुआ, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक तेज आवाज़ के साथ पूरी इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। आसपास रहने वाले लोग चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर भी मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। भारी मशीनों, गैस कटर और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। बचावकर्मी लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि यदि कोई व्यक्ति मलबे के नीचे जीवित हो तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे में कोई और व्यक्ति फंसा नहीं है।
जिस इमारत का हिस्सा गिरा, वह काफी पुरानी थी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत का हिस्सा गिरा, वह काफी पुरानी थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इमारत को पहले जर्जर घोषित किया जा चुका था और वहां मरम्मत का काम चल रहा था। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। Bhiwandi Building Collapse
भिवंडी और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है
भिवंडी और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार नमी और पुराने ढांचे की कमजोरी भी ऐसे हादसों का कारण बन सकती है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह बताई जाएगी।Bhiwandi Building Collapse
घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में पूरी रात घटनास्थल पर डटे रहे। मलबे से किसी व्यक्ति को बाहर निकालते ही माहौल भावुक हो जाता था।

महाराष्ट्र सरकार ने हादसे पर दुख जताया है जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी
महाराष्ट्र सरकार ने हादसे पर दुख जताया है और संबंधित अधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट मांगी है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Bhiwandi Building Collapse
इस हादसे ने एक बार फिर महानगरों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मौजूद जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरी विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर भवनों का तकनीकी निरीक्षण, पुनर्विकास और आवश्यक मरम्मत बेहद जरूरी है। यदि चेतावनी के बावजूद लोग असुरक्षित भवनों में रहने को मजबूर होते हैं तो यह प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए भी चिंता का विषय है।
लोगों ने बचाव दल को पानी, भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई Bhiwandi Building Collapse
NDRF के अधिकारी लगातार थर्मल स्कैनर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे के भीतर जीवन के संकेत तलाश रहे हैं। राहत अभियान में स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई लोगों ने बचाव दल को पानी, भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई।Bhiwandi Building Collapse
डॉक्टरों का कहना है कि मलबे में लंबे समय तक फंसे लोगों को निकालने के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता देना बेहद आवश्यक होता है। इसी वजह से घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को पहले से तैनात रखा गया है।
भिवंडी और ठाणे क्षेत्र में पहले भी इमारत गिरने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं
भिवंडी और ठाणे क्षेत्र में पहले भी इमारत गिरने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मानसून के दौरान पुराने भवनों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता बार-बार महसूस की जाती रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि असुरक्षित भवनों को समय रहते खाली कराना और पुनर्विकास की प्रक्रिया तेज करना भी जरूरी है।Bhiwandi Building Collapse
फिलहाल प्रशासन ने आसपास की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है। नगर निगम की टीमें उन भवनों की सूची तैयार कर रही हैं जिन्हें संरचनात्मक रूप से कमजोर माना गया है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा।
राहत कार्य अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या में बदलाव संभव है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। पूरे इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। Bhiwandi Building Collapse
Sources: Times o India, The Economic Times , Navbharat Times















