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Exam Transparency in India: रांची की सड़कों पर छात्रों का सैलाब, JPSC-JSSC के खिलाफ गूंजे नारे

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HIGHLIGHTS

  • रांची में छात्रों ने निकाला बड़ा विरोध मार्च।
  • JPSC-JSSC परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवाल।
  • पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग तेज।

Exam Transparency in India : रांची।झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार को छात्रों की आवाज़ एक बार फिर सड़कों पर सुनाई दी। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने Jharkhand Public Service Commission (JPSC) और Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च जैपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट चौक तक पहुंचा, जहां छात्रों ने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि राज्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं है। छात्रों ने कहा कि मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को भरोसेमंद बनाया जाए।

छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और परीक्षा आयोगों से सवाल करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार की उम्मीद में वर्षों तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन अगर परीक्षा व्यवस्था पर ही भरोसा नहीं रहेगा तो छात्रों का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा।

बार-बार सामने आ रही शिकायतों से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ रहा …

छात्र नेताओं का कहना है कि JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे निष्पक्ष तरीके से परीक्षाओं का आयोजन करें। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सामने आ रही शिकायतों से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। छात्रों ने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुधार, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। Exam Transparency in India

झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं की बड़ी संख्या है। राज्य के दूर-दराज इलाकों से छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा परिणाम, पेपर प्रक्रिया और चयन प्रणाली को लेकर उठने वाले सवाल युवाओं में बेचैनी पैदा करते हैं।

अभ्यर्थियों ने पहले भी JPSC-JSSC से जुड़ी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं…

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई। कुछ छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने पहले भी JPSC-JSSC से जुड़ी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। Exam Transparency in India

वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के इंतजाम किए गए। प्रदर्शन स्थल और मार्च के रास्ते पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन का प्रयास रहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुने.. Exam Transparency in India

छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक मकसद से नहीं बल्कि अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है और सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। Exam Transparency in India

रांची का अल्बर्ट चौक इससे पहले भी कई छात्र आंदोलनों का गवाह रहा है। शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर समय-समय पर यहां विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। हाल के दिनों में JPSC परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी भी सामने आई है।

सरकार छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाए…

छात्रों का कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होगी तो योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना हुए ठोस कदम उठाए जाएं। Exam Transparency in India

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की निगाहें अब सरकार और परीक्षा आयोगों के अगले कदम पर टिकी हैं। छात्रों की यह आवाज़ आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है, यह देखने वाली बात होगी। Exam Transparency in India

जंतर-मंतर पर छात्रों के लंबे आंदोलन से सरकार पर दबाव बढ़ा था

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। यह आंदोलन करीब 36 दिनों तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाई और सरकार से समाधान की मांग की।क्षExam Transparency in India

बताया जाता है कि यह आंदोलन कांकरोच जनता पार्टी के समर्थन से चलाया गया था। छात्रों ने लगातार धरना और हड़ताल जारी रखी, जिसके कारण सरकार पर दबाव बढ़ता गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

लंबे समय तक चले इस आंदोलन के कारण सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने भी सरकार से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की।

आंदोलन के बढ़ते प्रभाव के बाद सरकार पर दबाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

हालांकि इस पूरे मामले को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई। अंत में छात्रों के आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

इस घटना ने एक बार फिर छात्रों की ताकत और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं की समस्याओं को समय पर सुनना और उनका समाधान करना जरूरी है, ताकि ऐसे बड़े आंदोलनों की स्थिति पैदा न हो। Exam Transparency in India

Sources: The Print / PTI , Times of India

Azmatulla

Hi, I am an experienced journalist and news writer with over 20 years of experience in the media industry. Throughout my career, I have worked with more than 15 Hindi and Urdu newspapers, covering a wide range of topics including politics, current affairs, national news, international developments, and social issues.With extensive experience in both print and digital journalism, I am committed to delivering accurate, reliable, and well-researched news to readers. My work focuses on presenting facts in a clear, balanced, and easy-to-understand manner while maintaining the highest standards of journalism.Over the years, I have contributed to numerous publications and continue to remain actively involved in both newspaper and digital media platforms. My goal is to keep readers informed with trustworthy news, meaningful analysis, and timely updates from around the world.

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