Food Safety Investigation: अहमदाबाद/गांधीनगर। गुजरात में खाद्य मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत गांधीनगर रेंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्राल GIDC स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर कथित तौर पर पाम ऑयल, केमिकल और अन्य सामग्री से नकली देसी घी तैयार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से करीब ₹1.67 करोड़ कीमत का कच्चा माल, तैयार उत्पाद, मशीनें और पैकिंग सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 30,000 लीटर मिलावटी घी विभिन्न व्यापारियों के जरिए बाजार में पहुंच चुका हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में पाम ऑयल, केमिकल, फ्लेवर, पैकिंग सामग्री और कथित नकली घी तैयार करने के उपकरण मिले। मौके से बरामद सभी सामान को जब्त कर लिया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह केवल एक फैक्ट्री का मामला नहीं हो सकता। इस नेटवर्क से जुड़े व्यापारियों, सप्लायरों और वितरकों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मिलावटी घी किन-किन जिलों और राज्यों में भेजा गया तथा किन ब्रांडों के नाम पर इसकी बिक्री की जा रही थी।
घी के नमूने फॉरेंसिक लैब और फूड सेफ्टी अधिकारियों को भेजे…
मामले की गंभीरता को देखते हुए घी के नमूने फॉरेंसिक लैब और फूड सेफ्टी अधिकारियों को भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में यह साबित होता है कि उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था, तो आरोपियों पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। Food Safety Investigation

कैसे बनाते हैं नकली घी?
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली घी बनाने वाले गिरोह अक्सर सस्ते वनस्पति तेल, पाम ऑयल, कृत्रिम फ्लेवर और अन्य रसायनों का इस्तेमाल कर असली घी जैसी खुशबू और रंग तैयार कर देते हैं। सामान्य उपभोक्ता के लिए पहली नजर में असली और नकली घी में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से ऐसे रैकेट लंबे समय तक चलते रहते हैं। Food Safety Investigation
गुजरात में हाल के महीनों में मिलावटी घी के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। इससे पहले भी अलग-अलग जिलों में नकली घी बनाने वाली इकाइयों पर छापे पड़ चुके हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में पाम ऑयल और अन्य सामग्री बरामद हुई थी।
विश्वसनीय ब्रांड या प्रमाणित विक्रेताओं से ही घी खरीदें..
फूड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को केवल विश्वसनीय ब्रांड या प्रमाणित विक्रेताओं से ही घी खरीदना चाहिए। यदि घी की कीमत सामान्य बाजार भाव से बहुत कम हो या उसकी खुशबू और स्वाद असामान्य लगे, तो उसकी शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में करनी चाहिए। Food Safety Investigation
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जिन व्यापारियों तक यह माल पहुंचा है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। यदि किसी अन्य स्थान पर भी ऐसी फैक्ट्री संचालित होने के सबूत मिलते हैं तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
पाम ऑयल के संभावित नुकसान
ध्यान रहे कि सामान्य गुणवत्ता वाला खाद्य-ग्रेड पाम ऑयल सीमित मात्रा में कई खाद्य उत्पादों में कानूनी रूप से उपयोग किया जाता है। लेकिन देसी घी के नाम पर मिलावट करके बेचना अवैध है। Food Safety Investigation
अधिक मात्रा में या असंतुलित आहार के हिस्से के रूप में पाम ऑयल का सेवन:
LDL (“खराब”) कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में योगदान दे सकता है।
हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है, विशेषकर यदि आहार में संतृप्त वसा अधिक हो।
मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले तेल में स्वास्थ्य संबंधी अतिरिक्त खतरे हो सकते हैं।
नकली घी में मिलाए गए अज्ञात रसायन पाचन संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं।
Sources: PTI, गुजरात में नकली घी पर हालिया कार्रवाई और खाद्य सुरक्षा अभियान,
मिलावटी घी और पाम ऑयल से जुड़े स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा संबंधी संदर्भ।, Food Safety Investigation















