Har Ghar Tiranga :
RozTakNews की विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली। भारत अपनी आजादी की 80वीं सालगिरह के जश्न की तैयारियों में जुटा है और इसी बीच अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी ISS से भारत के लिए आया एक खास पैगाम लोगों के दिल को छू रहा है। अंतरिक्ष में मौजूद रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने हाथ में भारतीय तिरंगा लेकर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की मुबारकबाद दी और भारत-रूस की पुरानी दोस्ती तथा अंतरिक्ष सहयोग को याद किया।
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का यह संदेश ऐसे वक्त आया है, जब देशभर में हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त 2026 तक मनाया जा रहा है। भारत सरकार ने इस अभियान को देश के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय तक भी पहुंचाने का फैसला किया है। इस साल अभियान का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि देश स्वतंत्रता दिवस की 80वीं सालगिरह मना रहा है और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी सामने है।
अंतरिक्ष से तिरंगा लेकर रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का संदेश
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से दिए गए वीडियो संदेश में रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव ने भारत के लोगों के लिए शांति और खुशहाली की कामना की, जबकि उनके साथी अंतरिक्ष यात्री आंद्रे फेद्यायेव ने भारतीय तिरंगा हाथ में लेकर भारत-रूस दोस्ती को सलाम किया। Har Ghar Tiranga
यह तस्वीर अपने आप में खास है। धरती से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में जब तिरंगा लहराता दिखाई दिया तो यह सिर्फ एक झंडे की तस्वीर नहीं रही, बल्कि इसने विज्ञान, दोस्ती और देशभक्ति को एक साथ जोड़ दिया।
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने संदेश में भारत और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे अंतरिक्ष सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान दोनों देशों के रिश्तों का एक अहम हिस्सा रहा है।
यह संदेश भारत के लिए इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग का इतिहास काफी पुराना है।
आर्यभट्ट से राकेश शर्मा तक, रिश्तों की लंबी अंतरिक्ष यात्रा Har Ghar Tiranga
भारत और रूस की अंतरिक्ष दोस्ती आज की नहीं है। इसकी जड़ें उस दौर तक जाती हैं, जब भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में अपने कदम मजबूत करने शुरू किए थे। Har Ghar Tiranga
साल 1975 में सोवियत संघ ने भारत के पहले उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ को अंतरिक्ष में भेजा था। यह भारत के अंतरिक्ष सफर का एक ऐतिहासिक पड़ाव था। इसके बाद दोनों देशों के सहयोग ने एक और बड़ी छलांग लगाई, जब वर्ष 1984 में राकेश शर्मा सोयुज टी-11 मिशन के जरिए अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।
राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा आज भी भारतीय अंतरिक्ष इतिहास का बेहद अहम अध्याय है। सोवियत अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष में पहुंचने वाले राकेश शर्मा ने उस दौर में भारत के करोड़ों लोगों के सपनों को नई उड़ान दी थी।

रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने संदेश में सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन का भी जिक्र किया। गागरिन दुनिया के पहले इंसान थे, जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की थी। वह नवंबर 1961 में भारत आए थे और उनकी भारत यात्रा को भी भारत-सोवियत दोस्ती की यादगार कड़ी के तौर पर देखा जाता है।
इस तरह ISS से आया संदेश सिर्फ स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना नहीं था, बल्कि उसने भारत-रूस के उस सफर को भी याद किया, जिसमें दोनों देशों ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक-दूसरे का साथ दिया।
हर घर तिरंगा से अंतरिक्ष तक पहुंची देशभक्ति की गूंज
भारत में हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत 2022 में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान की गई थी। इसका मकसद लोगों को राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ना और स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानों तथा देश की एकता की भावना को मजबूत करना था। समय के साथ यह अभियान जनभागीदारी का रूप ले चुका है। Har Ghar Tiranga
साल 2026 में हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त तक चलाया जा रहा है। भारत सरकार की ओर से विदेशों में मौजूद भारतीय समुदाय को भी इसमें शामिल होने की अपील की गई है। नागरिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ऐसे माहौल में अंतरिक्ष से रूसी अंतरिक्ष यात्रियों का भारतीय तिरंगा लेकर संदेश देना इस अभियान को एक अलग ही प्रतीकात्मक ऊंचाई देता है। जमीन पर घरों और संस्थानों पर तिरंगा नजर आ रहा है तो अंतरिक्ष में भी भारतीय झंडे की मौजूदगी ने लोगों में गर्व की भावना पैदा की है।Har Ghar Tiranga
तिरंगा भारत की आजादी, एकता और राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है। यही वजह है कि देश की सीमाओं से बाहर, समुद्रों के पार और अब अंतरिक्ष में भी तिरंगे की मौजूदगी भारतीयों के लिए भावनात्मक महत्व रखती है।
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भारत के लिए यह संदेश उस दौर में आया है, जब देश अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। रूसी अंतरिक्ष यात्री अन्ना किकिना ने भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम गगनयान का भी जिक्र किया। भारतीय गगनयात्रियों की ट्रेनिंग रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में हुई है।
यानी भारत और रूस की अंतरिक्ष दोस्ती का अगला अध्याय भी तैयार हो रहा है। एक तरफ भारत अपने दम पर मानव अंतरिक्ष उड़ान की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुराने सहयोगी रूस का साथ इस सफर में महत्वपूर्ण दिखाई देता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न को एक अंतरराष्ट्रीय रंग भी दे दिया है। भारत की आजादी की 80वीं सालगिरह पर अंतरिक्ष से आया यह संदेश बताता है कि देश की पहचान और तिरंगे का सम्मान सिर्फ भारत की धरती तक सीमित नहीं है।
तिरंगा जहां भी पहुंचता है, वहां भारत की कहानी, उसके संघर्ष और उसकी उम्मीदों की झलक दिखाई देती है। ISS से हाथ में तिरंगा लिए रूसी अंतरिक्ष यात्रियों की तस्वीर इसी भावना को सामने रखती है।
अंतरिक्ष से आया यह पैगाम भारत और रूस की दोस्ती के साथ-साथ विज्ञान और इंसानी रिश्तों की उस ताकत को भी सामने लाता है, जो सरहदों से कहीं आगे जाती है। Har Ghar Tiranga
Sources : भारत सरकार/PIB, ऑल इंडिया रेडियो , Daily Excelsior , News Arena India , भारतीय दूतावास, अस्ताना, भारत का वाणिज्य दूतावास, शिकागो














