Pellet Gun Investigation: CJP Protest में Pellet Gun चलाने पर किसकी जांच होगी? घायल छात्रों ने बताई पूरी कहानी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ जारी CJP (Cockroach Janata Party) के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि भीड़ को हटाने के दौरान उन पर Pellet Gun का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हो गए। अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में घायल छात्रों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन अचानक हालात बिगड़ गए। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनके शरीर पर छोटे-छोटे छर्रों जैसे निशान मिले हैं, जिसके बाद Pellet Gun इस्तेमाल होने की चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक Pellet Gun के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। जबकि कुछ वीडियो इस बात के गवाह है कि छात्रों पर प्लेट गन इस्तेमाल की गई। अस्पताल के डॉक्टर ने भी यही कहा है कि प्लैटिनम में कांच और लोहे के बारीक टुकड़े होते हैं उन्होंने अपना नाम नजाहिर न करते हुए यह बातें बताइए।
राहुल गांधी का कहना है….
कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी ने भी एक वीडियो साझा करते हुए उस छात्र को दिखाया है जिसकी एक आंख चली गई है और उसके जिस्म पर प्लेट गन के बड़ी तादाद में चेहरे पर छर्रे लगे हुए दिखाए गए। Pellet Gun Investigation

उन्होंने इल्जाम लगाया कि सरकार कह रही है की प्लेट गन इस्तेमाल नहीं की गई जबकि उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और दिल्ली पुलिस ने प्लेट गन चलाई जो इससे पहले कश्मीर में इसका इस्तेमाल किया गया था।
घायल छात्रों का कहना है कि वे केवल पेपर लीक के खिलाफ इंसाफ और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। कई छात्रों ने कहा कि उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा और कुछ अब भी मेडिकल निगरानी में हैं।
मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी करें …
इस बीच छात्र संगठनों और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक आयोग से कराई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। Pellet Gun Investigation
विपक्षी दलों ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। वहीं सरकार समर्थक नेताओं का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजधानी में माहौल अब भी संवेदनशील बना हुआ है। कई छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। दूसरी ओर प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वास्तव में Pellet Gun या किसी अन्य विशेष भीड़ नियंत्रण उपकरण का इस्तेमाल हुआ है, तो उसकी जांच तकनीकी और फॉरेंसिक स्तर पर होनी चाहिए। मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि घायल छात्रों के आरोप सही हैं या नहीं, और यदि बल प्रयोग हुआ तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट इस पूरे विवाद की तस्वीर साफ कर सकती है। Pellet Gun Investigation
















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