Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान इस वक्त सियासी और सोशल मीडिया हलकों में काफी चर्चा में है। सीएम योगी ने सड़कों पर नमाज़ पढ़ने के मुद्दे पर सख्त रुख दिखाते हुए कहा है कि सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं और किसी को भी पब्लिक मूवमेंट में रुकावट पैदा करने का हक नहीं है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की बहस भी शुरू हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर किसी जगह पर इबादत या किसी मजहबी प्रोग्राम में लोगों की तादाद ज्यादा हो जाती है और जगह कम पड़ती है, तो उसके लिए दूसरा तरीका निकाला जा सकता है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर “शिफ्ट सिस्टम” अपनाया जा सकता है, ताकि एक ही वक्त में बहुत ज्यादा भीड़ इकट्ठी न हो और आम लोगों को परेशानी भी न हो।

सीएम योगी ने अपने बयान में कहा कि हर इंसान को अपने मजहब और धार्मिक काम करने का पूरा हक है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि आम लोगों की जिंदगी और रोजमर्रा की गतिविधियों पर उसका असर न पड़े। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम की वजह से सड़कें बंद होना या लोगों की आवाजाही प्रभावित होना ठीक नहीं माना जा सकता।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का मकसद किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि कानून और व्यवस्था को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सड़कें पब्लिक इस्तेमाल के लिए बनाई जाती हैं और वहां ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे ट्रैफिक या आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़े।

इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कह रहे हैं कि पब्लिक जगहों पर व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी होती है और सड़कें सिर्फ ट्रैफिक और लोगों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस मामले को धार्मिक आजादी से जोड़कर भी देख रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि धार्मिक गतिविधियों के लिए सही व्यवस्था और पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना भी जरूरी होता है, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल सरकार की तरफ से इस मामले में किसी नए कानून या अलग आदेश की बात सामने नहीं आई है। अभी यह मामला मुख्यमंत्री के बयान और पब्लिक व्यवस्था को लेकर दिए गए सुझाव तक सीमित है। लेकिन बयान आने के बाद सियासी गलियारों में इसकी चर्चा काफी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। No Namaz on Roads Yogi