Azam Khan PAN Card Case : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर की MP/MLA सेशन कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आजम खान की सजा को बढ़ा दिया है। पहले निचली अदालत ने उन्हें 7 साल की जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी थी, लेकिन अब अदालत ने इस सजा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया है। वहीं बेटे अब्दुल्ला आजम की 7 साल की सजा बरकरार रखी गई है, लेकिन उन पर लगाया गया जुर्माना बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
यह मामला काफी समय से कानूनी और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला कथित तौर पर दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। जांच में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम के नाम पर अलग-अलग जन्मतिथि के साथ दो पैन कार्ड तैयार किए गए थे। आरोप यह भी लगाया गया कि दस्तावेजों में बदलाव कर चुनावी पात्रता हासिल करने की कोशिश की गई। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं थी बल्कि दस्तावेजों के इस्तेमाल और पहचान संबंधी गंभीर मामला था।

इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। बीजेपी नेता और रामपुर से जुड़े आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग दस्तावेजों के जरिए दो पैन कार्ड बनवाए, जिनमें जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। इसके बाद पुलिस जांच शुरू हुई और मामला धीरे-धीरे अदालत तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों ने दावा किया कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया और अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया था।
इस मामले में पहले स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने नवंबर 2025 में फैसला सुनाते हुए आजम खान और अब्दुल्ला आजम दोनों को दोषी करार दिया था। अदालत ने दोनों को 7-7 साल जेल और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी थी। फैसले के तुरंत बाद दोनों को हिरासत में भी लिया गया था। इसके बाद पिता-पुत्र की ओर से फैसले को चुनौती दी गई, लेकिन अप्रैल 2026 में सेशन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी और पुरानी सजा बरकरार रखी थी।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह दलील दी कि दी गई सजा पर्याप्त नहीं है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा बढ़ाई जानी चाहिए। इसके बाद अदालत में लंबी सुनवाई चली। अब ताजा फैसले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार ने आजम खान की सजा में 3 साल का इजाफा कर दिया। यानी उनकी जेल की अवधि अब 7 साल से बढ़कर 10 साल हो गई है। साथ ही उन पर जुर्माना भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
वहीं अब्दुल्ला आजम के मामले में अदालत ने जेल की सजा में कोई बदलाव नहीं किया। उनकी 7 साल की सजा पहले की तरह कायम रखी गई, लेकिन जुर्माने में बड़ा बदलाव किया गया। पहले उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिकायतकर्ता और बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और इसे कानून की जीत बताया। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी पहले भी कई बार यह कह चुकी है कि उसके नेताओं के खिलाफ राजनीतिक कारणों से कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अदालत ने अपने फैसले में कानूनी पहलुओं और उपलब्ध सबूतों को आधार बनाया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे आजम खान और उनका परिवार क्या कानूनी कदम उठाता है। माना जा रहा है कि इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत का रुख किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल इतना साफ है कि दो पैन कार्ड मामले ने आजम खान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं और यह मामला अभी खत्म होता नहीं दिख रहा।

