Iqra Hasan Protest | सहारनपुर में सियासी माहौल अब पूरी तरह गरमा गया है। सपा सांसद इकरा हसन और पुलिस प्रशासन के बीच शुरू हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है। मामला इतना बढ़ गया कि सांसद थाने में धरने पर बैठ गईं और देर रात तक वहां सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की भीड़ जुटी रही। पूरे इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।

दरअसल, यह पूरा मामला एक बुजुर्ग महिला की शिकायत से शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक इकरा हसन एक बुजुर्ग महिला को लेकर सहारनपुर DIG कार्यालय पहुंची थीं। महिला अपने बेटे मोनू कश्यप की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रही थी। परिवार का आरोप है कि मामले में उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली और जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे थे। सांसद पीड़ित परिवार की ओर से मामले को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने गई थीं।

इकरा हसन का आरोप है कि DIG कार्यालय में उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित महिला न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची थी, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी दौरान महिला भावुक हो गई और माहौल गर्म हो गया। इसके बाद सांसद अपने समर्थकों के साथ कार्यालय परिसर के बाहर पार्किंग एरिया में पहुंच गईं।

यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। इकरा हसन का आरोप है कि पुलिस ने उनके समर्थकों पर रोड जाम करने का आरोप लगाकर कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं पुलिस का कहना है कि DIG कार्यालय के बाहर ट्रैफिक बाधित हो रहा था और सड़क जाम की स्थिति बन रही थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। पुलिस ने पूर्व मंत्री मंगेराम कश्यप समेत कुछ लोगों को शांति भंग करने से जुड़ी धाराओं में हिरासत में लिया।

सांसद इकरा हसन ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनके लोगों को गिरफ्तार किया गया है तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और सांसद के बीच तीखी बहस की खबर भी सामने आई।

इकरा हसन ने एक और बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें और उनके साथियों को महिला थाने ले जाया गया और कुछ समय तक वहां बैठाकर रखा गया। सांसद ने आरोप लगाया कि यह उन पर दबाव बनाने की कोशिश थी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने अपनी ओर से कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए।

जैसे-जैसे घटना की जानकारी फैली, आसपास के इलाकों से सपा कार्यकर्ता और नेता सहारनपुर पहुंचने लगे। थाने के बाहर समर्थकों की संख्या बढ़ती चली गई और मामला राजनीतिक रूप लेता गया। इसी बीच समाजवादी पार्टी की तरफ से भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

फिलहाल सहारनपुर में यह मामला लगातार तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ सांसद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस अपने कदम को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या फैसला लेता है और गिरफ्तार किए गए लोगों को लेकर क्या कार्रवाई होती है।