China border opened: नई दिल्ली: लगभग छह साल के लंबे इंतज़ार के बाद भारत और चीन के बीच पारंपरिक सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू हो गया है। शनिवार को उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और हिमाचल प्रदेश के शिपकी ला दर्रे के जरिए सीमावर्ती व्यापार को दोबारा बहाल किया गया। कोविड-19 महामारी और उसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़े सीमा तनाव के कारण ये ऐतिहासिक व्यापारिक मार्ग बंद हो गए थे। अब इनके फिर से खुलने को सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और भारत-चीन संबंधों में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, व्यापार की शुरुआत तय नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की गई है। सीमित संख्या में व्यापारियों को पहले चरण में अनुमति दी गई है और दोनों देशों के प्रशासन ने सीमा पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। व्यापारियों को सीमा पार आवाजाही और सामान के आदान-प्रदान के लिए विशेष पास जारी किए गए हैं।
लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है और यह भारत, नेपाल तथा तिब्बत के निकट एक महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र माना जाता है। वहीं शिपकी ला हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है और दशकों से पारंपरिक व्यापार का प्रमुख मार्ग रहा है। इन रास्तों के खुलने से स्थानीय व्यापारियों, पशुपालकों और सीमावर्ती गांवों की आजीविका को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ऊन, पश्मीना, कालीन, जड़ी-बूटियां, नमक, का आयात-निर्यात शुरू
व्यापार के दौरान पारंपरिक रूप से ऊन, पश्मीना, कालीन, जड़ी-बूटियां, नमक, ऊनी उत्पाद तथा अन्य सीमित वस्तुओं का आयात-निर्यात किया जाता रहा है। स्थानीय व्यापारी लंबे समय से इस व्यापार के फिर से शुरू होने की मांग कर रहे थे क्योंकि इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। China border opened

वर्ष 2020 के बाद सीमा पर तनाव बढ़ने से कई द्विपक्षीय गतिविधियां बंद थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापार की बहाली केवल आर्थिक कदम नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का भी संकेत है। वर्ष 2020 के बाद सीमा पर तनाव बढ़ने से कई द्विपक्षीय गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ने और कई स्तरों पर बातचीत के बाद व्यापारिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हुआ। China border opened
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीमा व्यापार पूरी तरह नियंत्रित व्यवस्था के तहत होगा और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सीमा पर कस्टम, सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच की पूरी व्यवस्था की गई है ताकि व्यापार सुचारु रूप से चलता रहे।

सीमावर्ती बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी China border opened
स्थानीय व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि छह वर्षों से व्यापार बंद होने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब उन्हें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कारोबार धीरे-धीरे सामान्य होगा और सीमावर्ती बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी। China border opened
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है तो भविष्य में व्यापारिक वस्तुओं की सूची बढ़ाई जा सकती है और अधिक व्यापारियों को भी अनुमति मिल सकती है। इससे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। China border opened

Sources: Times of India, Hindustan Times, Economic Times, News On AIR (Akashvani),PTI



















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