China Long March 7A Failure: बीजिंग। चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम को सोमवार रात एक बड़ा झटका लगा, जब Long March 7A (CZ-7A) रॉकेट लॉन्च के कुछ ही देर बाद उड़ान के दौरान बेकाबू होकर टूट गया। यह रॉकेट ChinaSat-4B सैटेलाइट को लेकर दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत स्थित Wenchang Space Launch Site से रवाना हुआ था। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने मिशन को असफल बताते हुए कहा कि उड़ान के दौरान एक असामान्य स्थिति पैदा हुई और मामले की जांच की जा रही है।
लॉन्च के बाद रॉकेट कुछ समय तक सामान्य तरीके से आसमान की ओर बढ़ता नजर आया, लेकिन करीब डेढ़ मिनट के भीतर इसकी उड़ान में गड़बड़ी दिखाई दी। इसके बाद रॉकेट टूट गया और आग के बड़े गोले में बदलता नजर आया। उपलब्ध विश्लेषण के मुताबिक रॉकेट काफी कम ऊंचाई पर नष्ट हुआ, इसलिए ChinaSat-4B के कक्षा में पहुंचने की संभावना खत्म हो गई।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब चीन अंतरिक्ष में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। चांद पर मानव मिशन से लेकर नए रॉकेट, कम्युनिकेशन सैटेलाइट और पुन: इस्तेमाल किए जाने वाले बूस्टर तक चीन कई मोर्चों पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में Long March 7A की यह नाकामी निश्चित रूप से उसके लिए एक अहम झटका है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चीन के पूरे अंतरिक्ष कार्यक्रम पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है।
उड़ान के कुछ ही देर बाद बदली तस्वीर.. China Long March 7A Failure
चीन के समय के मुताबिक Long March 7A ने सोमवार 10 अगस्त 2026 को रात करीब 8:02 बजे वेंचांग से उड़ान भरी। शुरुआत में मिशन सामान्य दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद रॉकेट में गंभीर गड़बड़ी पैदा हो गई। चीन ने आधिकारिक तौर पर इसे “in-flight anomaly” यानी उड़ान के दौरान असामान्यता बताया है। फिलहाल यह साफ नहीं किया गया है कि तकनीकी खराबी रॉकेट के किस हिस्से में आई। China Long March 7A Failure
लॉन्च की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। इनमें रॉकेट को ऊपर जाते हुए देखा जा सकता है और फिर अचानक उसकी उड़ान असामान्य होती दिखाई देती है। इसके बाद रॉकेट आग के गोले में बदल जाता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञ जोनाथन मैकडॉवेल ने लॉन्च वीडियो का विश्लेषण करते हुए कहा कि रॉकेट अपेक्षाकृत कम ऊंचाई और कम गति पर पूरी तरह नष्ट हो गया। इसका मतलब है कि न तो सैटेलाइट कक्षा में पहुंचा और न ही रॉकेट का मलबा ऑर्बिट में गया।
यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि अगर कोई रॉकेट ऊंचाई हासिल करने के बाद नष्ट होता है तो उसके टुकड़ों के अंतरिक्ष में जाने और बाद में स्पेस डेब्रिस बनने का खतरा बढ़ सकता है। इस मामले में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ऐसी स्थिति पैदा नहीं हुई।
चीन की ओर से अभी हादसे की वजह का खुलासा नहीं किया गया है। सरकारी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में तकनीकी जांच से यह पता चल सकता है कि गड़बड़ी इंजन, स्टेज, नियंत्रण प्रणाली या किसी दूसरे हिस्से से जुड़ी थी।

ChinaSat-4B भी नहीं पहुंचा अंतरिक्ष, मिशन पर लगा ब्रेक
इस मिशन में Long March 7A के जरिए ChinaSat-4B, जिसे Zhongxing-4B भी कहा जाता है, को अंतरिक्ष में भेजा जाना था। यह ChinaSat-4 सीरीज का सैटेलाइट है। रॉयटर्स के मुताबिक उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि यह सैटेलाइट 2024 में लॉन्च किए गए ChinaSat-4A की ही सीरीज से संबंधित था। China Long March 7A Failure

ChinaSat-4A के बारे में चीन ने बताया था कि वह आवाज, डेटा, रेडियो और टेलीविजन ट्रांसमिशन जैसी सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के हाई-ऑर्बिट कम्युनिकेशन सैटेलाइट बड़े इलाकों में संचार सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जमीन आधारित नेटवर्क की पहुंच सीमित होती है। हालांकि ChinaSat-4B की वास्तविक भूमिका और क्षमताओं के बारे में सार्वजनिक तौर पर पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
यानी इस हादसे में सिर्फ रॉकेट ही नहीं बल्कि उसका महत्वपूर्ण पेलोड भी खो गया। सैटेलाइट के कक्षा में न पहुंचने से पूरा मिशन असफल हो गया।
दिलचस्प बात यह है कि Long March 7A की यह नाकामी उसके लंबे सफल रिकॉर्ड के बाद आई है। रॉयटर्स के मुताबिक यह मार्च 2020 में पहली उड़ान के बाद Long March 7A की पहली असफलता है। 2020 के शुरुआती मिशन में भी उड़ान के दौरान खराबी आई थी, लेकिन उसके बाद रॉकेट ने लगातार कई सफल मिशन पूरे किए थे।
इस लिहाज से यह घटना चीन के लिए एक बड़ा तकनीकी झटका जरूर है, मगर इसे पूरे चीनी अंतरिक्ष कार्यक्रम की नाकामी कहना जल्दबाजी होगी।
चीन के चांद मिशन पर कितना असर?
Long March 7A हादसे के बाद अंतरिक्ष विशेषज्ञों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसका असर चीन के आने वाले बड़े मिशनों पर पड़ेगा। खास तौर पर चीन के महत्वाकांक्षी चंद्र कार्यक्रम पर नजरें टिक गई हैं।China Long March 7A Failure
रॉयटर्स के मुताबिक इस घटना से Chang’e-7 मिशन पर सीधे असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि उस मिशन के लिए अलग रॉकेट यानी Long March 5 का इस्तेमाल किया जाना है। Chang’e-7 चीन के चंद्र अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके जरिए चांद के दक्षिणी ध्रुवीय इलाके की विस्तृत जांच की योजना है।
चीन पिछले कुछ समय से अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में लगातार नए प्रयोग कर रहा है। जुलाई 2026 में ही चीन ने Long March-10B के जरिए पहली बार किसी ऑर्बिटल रॉकेट के पहले चरण को समुद्र में मौजूद प्लेटफॉर्म पर नेट सिस्टम की मदद से सफलतापूर्वक वापस हासिल किया था। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इसे पुन: इस्तेमाल किए जाने वाले रॉकेट तकनीक की दिशा में बड़ी कामयाबी बताया था।
इससे साफ है कि एक तरफ चीन रॉकेट तकनीक में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है, तो दूसरी तरफ कुछ मिशनों में तकनीकी जोखिम भी सामने आ रहे हैं। अंतरिक्ष विज्ञान में यह असामान्य नहीं है। दुनिया की बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियां और निजी कंपनियां भी कई बार रॉकेट और सैटेलाइट मिशनों में नाकामी का सामना कर चुकी हैं। China Long March 7A Failure
चीन के लिए अब सबसे अहम काम इस हादसे की वजह तलाशना होगा। अगर जांच में किसी खास तकनीकी हिस्से की खराबी सामने आती है तो संबंधित रॉकेट परिवार की अगली उड़ानों से पहले अतिरिक्त जांच और सुधार की जरूरत पड़ सकती है।
फिलहाल चीन ने मिशन की नाकामी की पुष्टि कर दी है और जांच जारी है। यह भी साफ है कि ChinaSat-4B अपने निर्धारित ऑर्बिट तक नहीं पहुंच सका। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के बीच सबसे जरूरी बात यही है कि यह कोई अंतरिक्ष में सफल विस्फोट या परीक्षण नहीं था, बल्कि एक असफल रॉकेट लॉन्च था।
चीन की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाएं बड़ी हैं और एक मिशन की नाकामी से उसका पूरा कार्यक्रम रुकने वाला नहीं है। मगर इस हादसे ने एक बार फिर यह जरूर याद दिलाया है कि अंतरिक्ष तक पहुंचने की राह कितनी मुश्किल और तकनीकी जोखिमों से भरी हुई है। China Long March 7A Failure
Sources: Reuters , Interesting Engineering , Xinhua


















