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Pakistan Political Crisis: इमरान खान की कैद के तीन साल, रावलपिंडी में आंसू गैस और बवा

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HIGHLIGHTS

 

  • इमरान खान की कैद के तीन साल पूरे होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन।
  • रावलपिंडी में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
  • PTI समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगह झड़पें और गिरफ्तारियां।

Pakistan Political Crisis:
रोज़ तक न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट
इस्लामाबाद/रावलपिंडी। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की कैद के तीन वर्ष पूरे होने पर बुधवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। सबसे अधिक तनाव रावलपिंडी में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में PTI समर्थक एकत्र हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी हुईं।

सरकारी सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी थी। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। प्रशासन का कहना था कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में PTI कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतर आए और इमरान खान की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की और पथराव की भी खबरें सामने आई हैं। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है।

क्या है पूरा मामला? Pakistan Political Crisis

इमरान खान को अगस्त 2023 में तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था। इसके बाद उन पर कई अन्य मामलों में भी कानूनी कार्रवाई हुई। PTI लगातार इन मामलों को राजनीतिक प्रेरित बताती रही है, जबकि पाकिस्तान की सरकार और संबंधित संस्थानों का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में हुई है। Pakistan Political Crisis

इमरान खान इस समय रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि कैद के तीन साल पूरे होने पर देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे और उनकी रिहाई की मांग उठाई जाएगी। Pakistan Political Crisis

PTI का आरोप

PTI नेताओं का आरोप है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में लिया गया और कई स्थानों पर रैलियों की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना उनका संवैधानिक अधिकार है और सरकार इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास कर रही है। Pakistan Political Crisis

सरकार का पक्ष

पाकिस्तान सरकार और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों के अनुसार, जिन स्थानों पर धारा 144 या अन्य प्रतिबंध लागू थे, वहां बिना अनुमति भीड़ एकत्र होने पर कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने केवल स्थिति को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। Pakistan Political Crisis

राजनीतिक असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल बाद भी उनका राजनीतिक प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। PTI समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार कानून और न्यायिक प्रक्रिया का हवाला दे रही है। इससे पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव बना हुआ है। Pakistan Political Crisis

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में यदि सरकार और PTI के बीच संवाद नहीं बढ़ता, तो विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला और तेज हो सकता है। दूसरी ओर प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

इमरान खान का राजनीतिक बैकग्राउंड

इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान को 1992 का विश्व कप जिताया और बाद में राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने 1996 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की स्थापना की। 2018 के आम चुनाव में उनकी पार्टी सत्ता में आई और वे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिर गई। इसके बाद उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज हुए और अगस्त 2023 से वे जेल में हैं। PTI इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध बताती है, जबकि सरकार और न्यायिक संस्थाएं इन्हें कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती हैं। Pakistan Political Crisis

Sources: TOT , India Today , Reuters

Azmatulla

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