Controversial Statement: नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उनसे जुड़ा यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कांवड़ियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें “नशेड़ी, भंगेड़ी और आतंकवादी” कहा। इस कथित बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, इस बयान की परिस्थितियों और पूर्ण संदर्भ पर अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं।
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों तक पैदल यात्रा करते हैं। हर वर्ष यात्रा के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष इंतज़ाम करता है।
विवादित बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने कड़ी नाराज़गी जताई। कई यूज़र्स ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जबकि कुछ लोगों ने पूरे वीडियो और बयान का संदर्भ सामने लाने की मां मांगक है
निष्पक्ष जांच और पूरे वीडियो की सत्यता..
राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। कई नेताओं ने ऐसे बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक समुदाय या श्रद्धालुओं के बारे में अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने निष्पक्ष जांच और पूरे वीडियो की सत्यता सामने लाने की बात कही। Controversial Statement

पहलेभी केई बयानों पर व्यापक विवाद हुआ..Controversial Statement
मौलाना साजिद रशीदी पहले भी कई विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। हाल के महीनों में लड़कियों की शादी की उम्र और अन्य सामाजिक-धार्मिक मुद्दों पर दिए गए उनके बयानों पर भी व्यापक विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने कई मामलों में सफाई भी पेश की थी।
Controversial Statement
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को अपने शब्दों का चयन बेहद जिम्मेदारी से करना चाहिए। किसी भी धर्म, समुदाय या आस्था से जुड़े लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक तनाव बढ़ा सकती है।
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि किसी बयान से धार्मिक भावनाएं भड़काने, वैमनस्य फैलाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, तो संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच कर सकती हैं। हालांकि किसी भी कार्रवाई का निर्णय जांच और कानून के अनुसार ही होता है।
मौलाना साजिद ने क्या कहा…
“सावन का महीना है। लोग कांवड़ लेकर जा रहे हैं और लोग उनको शिवभक्त कहते हैं। मेरे हिंदू भाई और देश के सब लोग बताएं, क्या जो लोग सड़कों पर बैठकर भांग मसल रहे हैं, वो शिवभक्त हैं? क्या जो लोग सड़कों पर बैठकर शराब पी रहे हैं, क्या वो शिवभक्त हैं? क्या जो लोग पुलिस वालों को वर्दी में होते हुए मार-मारकर अधमरा कर दें, वो शिवभक्त हैं?
उन्होंने कहा क्या वो लोग जो बच्चों की वैन, जो स्कूल जा रही थी, उसके शीशे तोड़ दें, बच्चों को घायल कर दें, वो शिवभक्त हैं? क्या वो लोग जो एक ट्रक के पूरे माल को लूट लें, वो शिवभक्त हैं? मुझे तो अफसोस है मोदी जी, योगी जी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोग नमाज़ के नाम पर चौराहे पर तमाशा करते हैं। योगी जी, ये तमाशा आप नहीं देख रहे हैं? ये तमाशा, इसकी वीडियो आप तक नहीं पहुंच रही है? ज़रा बोलिए इस पर भी कुछ। जो लोग सड़कों पर बैठकर तमाशा कर रहे हैं, डांस कर रहे हैं, लड़के और लड़कियां मिलकर, ये शिवभक्त हैं? ये कांवड़ है? मैं ऐसे लोगों को नशेड़ी, भंगीड़ी, लूटपाट करने वाला और आतंकवादी तक बोलता हूं।
उन्होंने यहभी कहा कि ये शिवभक्त नहीं हो सकते, शिवभक्त वो लोग हैं जो चुपचाप जाते हैं। जो वीडियो वगैरह बनाकर इस तरह का उपद्रव करते हैं, उनके लिए उनको शिवभक्त कहना धर्म का अपमान मानता हूं। शिवजी का अपमान है।” Controversial Statement
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से इस विषय पर यदि कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान आता है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। Controversial Statement
Sources: IANS live ,NDTV India , ABP News ,News leader














