E20 Protest & Petition: नई दिल्ली: (रोज़ तक न्यूज़) देश की सियासत में E20 पेट्रोल को लेकर बहस और तेज़ हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि 2 लाख 33 हजार से अधिक लोगों द्वारा हस्ताक्षरित (Signed) पेटिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दी गई है। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ़ एक राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि देशभर के वाहन चालकों, मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ताओं की आवाज़ है। अब पूरा देश प्रधानमंत्री के जवाब का इंतज़ार कर रहा है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के मुद्दे पर पिछले कई हफ्तों से लगातार अभियान चलाया। पहले ऑनलाइन सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया गया, फिर “नेशनल टाउन हॉल” आयोजित किया गया और उसके बाद प्रधानमंत्री को यह पेटिशन सौंपने की घोषणा की गई। पार्टी का कहना है कि लाखों लोगों ने अपनी चिंता दर्ज कराई है।
AAP का आरोप है कि E20 पेट्रोल को तेज़ी से लागू करने से कई पुराने वाहनों के मालिकों को दिक्कतें आ सकती हैं। पार्टी का दावा है कि लोगों ने माइलेज घटने, इंजन पर असर और मेंटेनेंस लागत बढ़ने जैसी शिकायतें की हैं। इसी आधार पर पार्टी मांग कर रही है कि देश में उपभोक्ताओं को Pure Petrol, E10 और E20 में से अपनी पसंद का विकल्प दिया जाए।
प्रधानमंत्री से मुलाकात की भी मांग..
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार को E20 पर भरोसा है तो उसे जनता की शंकाओं का खुलकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की भी मांग की ताकि तकनीकी विशेषज्ञों और वाहन मालिकों की चिंताओं पर चर्चा हो सके। E20 Protest & Petition

लाखों लोगों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता
मंगलवार को AAP नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद पार्टी नेताओं ने वहीं धरना दिया। इस दौरान पार्टी ने दावा किया कि लाखों लोगों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। E20 Protest & Petition
दूसरी ओर भाजपा ने AAP के इस अभियान को राजनीतिक स्टंट बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष जनता को भ्रमित कर रहा है और यह आंदोलन राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश है।
E20 क्या है? E20 Protest & Petition
E20 ऐसा पेट्रोल है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार कई वर्षों से एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम चला रही है ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो, किसानों की आय बढ़े और प्रदूषण में कमी लाई जा सके। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से एथेनॉल मिश्रण को बढ़ाना है। E20 Protest & Petition
सरकार का तर्क
केंद्र सरकार का कहना है कि E20 नीति कई राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करती है। सरकार के अनुसार—
- कच्चे तेल के आयात पर खर्च कम होगा।
- गन्ना और अन्य एथेनॉल फसलों के किसानों को
बड़ा बाज़ार मिलेगा। - विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।
- देश ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।
सरकार का यह भी कहना है
नए E20-अनुकूल वाहनों के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियां तैयारी कर चुकी हैं और नीति वैज्ञानिक अध्ययन व चरणबद्ध योजना के आधार पर लागू की जा रही है।
फिलहाल E20 को लेकर सियासी बहस जारी है। एक तरफ AAP लाखों हस्ताक्षरों का हवाला देकर सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं केंद्र सरकार इस नीति को किसानों, पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक बता रही है। आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक रणनीति पर सबकी नज़र रहेगी। E20 Protest & Petition
Sources: Times of India , India Today , Hindustan Times, ANI














