Student Protest: दिल्ली: AK-47 फायरिंग विवाद पर कांग्रेस का BJP पर हमला, पवन खेड़ा बोले- ‘अब माफी मांगे और सच कबूल करे’
नई दिल्ली। बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर AK-47 से हवा में फायरिंग किए जाने के मामले ने राष्ट्रीय राजनीति को और गरमा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने पहले इस घटना से इनकार किया था, अब उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए और स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने गलत बयान दिया था।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि “कल भारतीय जनता पार्टी के नेता यहां खड़े होकर इस घटना से इनकार कर रहे थे। अब उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने झूठ बोला।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सच को छिपाया नहीं जा सकता और जो तथ्य सामने आ चुके हैं, उन्हें स्वीकार करना ही होगा।
यह विवाद बिहार के सिवान जिले में छात्र आंदोलन के दौरान सामने आया, जहां सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी AK-47 रायफल से हवा में फायरिंग करता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी माना कि बिना आदेश हथियार का इस्तेमाल उचित नहीं था।
पुलिसकर्मी को AK-47 से फायरिंग करने का कोई आदेश नहीं दिया गया था…
पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण थे और पुलिस बल पर भी हमला हुआ था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मी को AK-47 से फायरिंग करने का कोई आदेश नहीं दिया गया था। इसी कारण उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।Student Protest
इस मामले ने संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और हिंसक स्थिति में कार्रवाई आवश्यक हो सकती है।
छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी.. Student Protest
पवन खेड़ा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि कहीं पुलिस की ओर से गलती हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की ताकत संवाद और जवाबदेही में होती है, न कि टकराव में। Student Protest
दूसरी ओर बिहार सरकार ने इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

जबकि बिहार में छात्रों पर किसी भी तरह के कार्रवाई को सरकार ने साफ तौर पर मना कर दिया है और जो किसी उन पर के गए थे वह वापस लेने का ऐलान किया है उसके बावजूद और पोजीशन मामले को बार-बार उठाकर सियासत को घर करने की कोशिश कर रहा है
वही असम सरकार ने भी प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने वाले छात्रों पर कार्रवाई करने से मना कर दिया है बताया जा रहा है कि एक मंत्री की बेटी भी प्रोटेस्ट में शामिल थी और सरकार उसकी सफाई देने में लगी हुई है,बरहाल यह अच्छा फैसला है की दोनों प्रदेश की सरकारों ने छात्रों पर रहम की नजर की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह लोकतांत्रिक अधिकार, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस की जवाबदेही जैसे बड़े मुद्दों से जुड़ चुका है। आने वाले दिनों में संसद और विभिन्न राजनीतिक मंचों पर इस विषय पर बहस और तेज होने की संभावना है। Student Protest
फिलहाल पूरे देश की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और सरकार तथा विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जबकि विपक्ष लगातार जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है। Student Protest
Sources: ANI, Reuters, The Indian Express, Hindustan Times (PTI), NDTV, Times of India, Bihar Police Official Statement.















