Donald Trump Iran: तेहरान। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चर्चा का विषय बन गया। तेहरान में निकले विशाल जनाज़े के जुलूस में कुछ लोगों द्वारा अंग्रेज़ी में “We Will Kill Trump” लिखा बैनर लहराया गया, जिसके बाद यह तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में तेज़ी से वायरल हो गईं। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान कई जगहों पर अमेरिका और इज़राइल विरोधी नारे भी लगाए गए। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने ऐसा बैनर उठाया, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ धमकी भरा संदेश लिखा था। यह दृश्य कैमरों में कैद होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
बताया जा रहा है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान में कई दिनों तक राजकीय शोक और अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकार समर्थक बड़ी संख्या में लोग इन कार्यक्रमों में शामिल हुए। अंतिम यात्रा को ईरान में शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां समर्थकों ने बदले और प्रतिरोध के संदेश दिए।

“We Will Kill Trump” के बैनर और नारे आधिकारिक सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं भी कर सकते Donald Trump Iran
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बैनर और नारे आधिकारिक सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं भी कर सकते हैं, लेकिन वे वहां मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों की भावनाओं और गुस्से को ज़रूर दिखाते हैं। हालांकि इस तरह की भाषा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ाने वाली मानी जाती है और इसे लेकर कई देशों की निगाहें ईरान की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। Donald Trump Iran
खामेनेई के जनाज़े में शामिल भीड़ ने ईरानी झंडों के साथ धार्मिक और राजनीतिक प्रतीक भी हाथों में लिए हुए थे। कई जगहों पर अमेरिका विरोधी पोस्टर और बैनर भी दिखाई दिए। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इन तस्वीरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
दूसरी ओर अमेरिका की ओर से इस घटनाक्रम पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि पश्चिमी देशों के रणनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संदेश पहले से तनावपूर्ण हालात को और संवेदनशील बना सकते हैं। हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ा है, जिसके चलते पूरी दुनिया की नज़र मध्य पूर्व की स्थिति पर बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि खामेनेई की अंतिम यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह ईरान की आंतरिक और बाहरी राजनीति का भी बड़ा प्रतीक बन गई। समर्थकों ने इसे “प्रतिरोध” और “शहादत” का संदेश बताया, जबकि आलोचकों का कहना है कि ऐसे भड़काऊ संदेश क्षेत्रीय शांति के लिए चिंता का विषय हैं।
फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के रिश्तों में क्या नया मोड़ आता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कूटनीतिक स्तर पर संयम और बातचीत ही क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने का सबसे बड़ा रास्ता हो सकता है। Donald Trump Iran

