Pakistan Mosque Attack: कोहाट/इस्लामाबाद, 19 सितंबर 2026। पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट शहर में शुक्रवार को पुलिस परिसर के भीतर स्थित मस्जिद के पास हुए आत्मघाती हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। शुरुआती खबरों में मृतकों की संख्या 27 और घायलों की संख्या 75 तक बताई गई थी, लेकिन बाद में पाकिस्तान के स्थानीय अधिकारियों और डॉन की रिपोर्ट के अनुसार कम-से-कम 21 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। मृतकों में 15 पुलिस अधिकारी बताए गए हैं।
हमला उस समय हुआ जब लोग शुक्रवार की नमाज के लिए मस्जिद में मौजूद थे। अधिकारियों के मुताबिक विस्फोटक से लदे वाहन को पुलिस लाइंस परिसर में मस्जिद के नजदीक ले जाकर धमाका किया गया। धमाके के बाद हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस परिसर में घुसकर पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक हमले में पुलिस लाइंस की इमारत और मस्जिद को भारी नुकसान पहुंचा। धमाके से परिसर की बाहरी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। राहत और बचाव दल ने मलबे के बीच से घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

मस्जिद में नमाज के दौरान हुआ धमाका
कोहाट खैबर पख्तूनख्वा का अहम शहर है और अफगानिस्तान की सीमा के नजदीकी इलाकों से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र में लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। शुक्रवार को हुआ हमला पुलिस परिसर को निशाना बनाकर किए गए एक सुनियोजित हमले के तौर पर सामने आया। Pakistan Mosque Attack

खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस प्रमुख जुल्फिकार हमीद के अनुसार विस्फोट के बाद कम-से-कम सात हमलावरों ने परिसर में दाखिल होने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक छह हमलावरों को मार गिराया गया, जबकि एक हमलावर के खिलाफ परिसर में तलाशी और कार्रवाई जारी रही। डॉन के अनुसार सुरक्षा अभियान के दौरान पुलिस और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नासिर हसन अफरीदी ने बताया कि मृतकों में 15 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। घायलों की संख्या 100 से अधिक बताई गई और तीन घायलों की हालत गंभीर होने की जानकारी सामने आई। हमले में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों के मारे जाने की भी सूचना है।
रेस्क्यू अधिकारियों ने बड़ी संख्या में एंबुलेंस और बचावकर्मियों को घटनास्थल पर भेजा। घायलों को कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल समेत दूसरे चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहतकर्मियों ने काफी देर तक अभियान चलाया।
शुरुआती अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी। एसोसिएटेड प्रेस ने पहले 21 मौतों और करीब 80 घायलों की जानकारी दी थी, जबकि अन्य रिपोर्टों में आंकड़े अलग रहे। बाद में स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में 21 मौतों और 100 से ज्यादा घायलों की पुष्टि हुई।
हमले के बाद पुलिस परिसर में चला ऑपरेशन
विस्फोट के तुरंत बाद स्थिति और गंभीर हो गई, क्योंकि हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस परिसर के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण इमारतों की तरफ बढ़ने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार कुछ हमलावर काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट यानी CTD की इमारत की ओर बढ़े, जबकि कुछ ने स्पेशल ब्रांच की तरफ जाने की कोशिश की। Pakistan Mosque Attack
सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हमलावरों को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुल सात हमलावर परिसर में दाखिल हुए थे और छह को अभियान के दौरान मार गिराया गया। बाद में परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया।
हमले की जिम्मेदारी हाफिज गुल बहादुर के नेतृत्व वाले इत्तेहादुल मुजाहिदीन नामक संगठन ने ली है, ऐसा डॉन ने अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया है। दूसरी ओर, कुछ शुरुआती अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में पाकिस्तान तालिबान यानी TTP से जुड़े एक गुट द्वारा जिम्मेदारी लिए जाने की बात कही गई थी। इस संबंध में अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर मौजूद है, इसलिए जिम्मेदारी के दावे को संबंधित संगठन का दावा ही माना जाना चाहिए।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों और सशस्त्र संगठनों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। हमले से एक दिन पहले नजदीकी हंगू जिले में सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाकर किए गए सड़क किनारे विस्फोट में छह सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।
पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा से सुरक्षा पर सवाल…
Pakistan Mosque Attack
कोहाट की घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस परिसर के भीतर मस्जिद को निशाना बनाए जाने से यह भी स्पष्ट होता है कि हमलावरों ने सुरक्षा प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों को भी निशाना बनाया। जिससे साफ हो गया है कि पाकिस्तान में लॉ एंड ऑर्डर की कोई अहमियत नहीं है।Pakistan Mosque Attack
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा करते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी की ओर से भी घटना पर शोक व्यक्त किया गया। Pakistan Mosque Attack
इस घटना की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को लेकर पहले से जारी तनाव भी महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सदस्य अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करते हैं। अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
खैबर पख्तूनख्वा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बनाया गया है। वर्ष 2023 में पेशावर की एक मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। ताजा कोहाट हमला इसी संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों की गंभीरता को फिर सामने लाता है। Pakistan Mosque Attack
फिलहाल कोहाट में सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया। हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी शुरू की गई। स्थानीय प्रशासन ने घायलों के उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
इस हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि संवेदनशील पुलिस परिसरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को किस तरह और मजबूत किया जाए। फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के पूरे नेटवर्क, हमलावरों की पहचान और उन्हें सहयोग देने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। Pakistan Mosque Attack
Sources: Al Jazeera



















