CJP Legal Aid: दिल्ली : राज्यसभा के निर्दलीय सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज होने वाले कथित झूठे मुकदमों से लड़ने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का कानूनी सहायता नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस मौके पर CJP के प्रवक्ता सौरव दास भी मौजूद रहे।
कपिल सिब्बल ने कहा कि CJP एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट तैयार करेगा, जहां देशभर में किसी भी स्थान पर प्रदर्शन के दौरान क्या घटना हुई, किस छात्र, युवा या प्रदर्शनकारी पर क्या कार्रवाई हुई और उसके खिलाफ कौन-कौन से मुकदमे दर्ज किए गए, उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके साथ ही वेबसाइट पर ऐसे अधिवक्ताओं का भी पंजीकरण किया जाएगा जो स्वेच्छा से कानूनी सहायता देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर वकील अपना नाम, राज्य, जिला, विशेषज्ञता और किस प्रकार की कानूनी मदद उपलब्ध करा सकते हैं, इसकी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे जरूरत पड़ने पर प्रभावित व्यक्ति को तुरंत कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

कपिल सिब्बल ने व्यक्तिगत रूप से ₹1 करोड़ देने की घोषणा की …
प्रेस वार्ता के दौरान कपिल सिब्बल ने व्यक्तिगत रूप से ₹1 करोड़ देने की घोषणा की। उन्होंने देशभर के अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से भी इस कानूनी सहायता कोष में योगदान देने की अपील की। उनका कहना था कि यदि किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ कानून का कथित दुरुपयोग कर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं तो उसे अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और कानूनी स्तर पर पूरा सहयोग दिया जाएगा। CJP Legal Aid

संगठन पूरे देश में लीगल नेटवर्क तैयार करेगा…
सौरव दास ने बताया कि संगठन का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि पूरे देश में एक ऐसा लीगल नेटवर्क तैयार करना है, जिससे किसी भी राज्य में कार्रवाई होने पर स्थानीय अधिवक्ता तुरंत सहायता के लिए उपलब्ध हो सकें। इसके लिए तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया जाएगा। CJP Legal Aid
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित वेबसाइट पर घटनाओं का दस्तावेजी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उसे कानूनी प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा सके। साथ ही ऐसे मामलों की निगरानी भी की जाएगी जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और यदि किसी मामले में कानून का गलत इस्तेमाल होता है तो उसका जवाब अदालत के माध्यम से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों के वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
राशि का उपयोग प्रभावित लोगों की मदद में किया जाएगा….
इस पहल के तहत ऑनलाइन फंड भी बनाया जाएगा, जिसमें छोटे से छोटे योगदान का भी स्वागत किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इस राशि का उपयोग प्रभावित लोगों की कानूनी सहायता, दस्तावेज तैयार करने और अदालतों में पैरवी के लिए किया जाएगा। CJP Legal Aid
आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने व हिरासत में लिए गए छात्रों एवं युवाओं को तुरंत रिहा करे..
उधर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और हिरासत में लिए गए छात्रों एवं युवाओं को तुरंत रिहा करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तय समय तक लिखित समझौता साझा नहीं किया, तो वह दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। CJP Legal Aid
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रेस वार्ता में बताया कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता में सहमति बनी थी कि जंतर-मंतर, 20 जुलाई तथा देशभर में हुए आंदोलनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने समझौते का लिखित मसौदा सरकार को सौंप दिया था। सरकार की ओर से मंगलवार तक लिखित प्रति उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, ताकि दोनों पक्षों के वकील उसकी समीक्षा कर अंतिम रूप दे सकें।
आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि सरकार अपने वादे का सम्मान करेगी..
आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि सरकार अपने वादे का सम्मान करेगी। उन्होंने मांग की कि सभी दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, किसी भी प्रदर्शनकारी को परेशान, हिरासत में या गिरफ्तार न किया जाए तथा विभिन्न राज्यों में बंद छात्रों और युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार बुधवार तक लिखित समझौता साझा नहीं करती, तो कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। CJP Legal Aid
हालांकि इस पहल पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समर्थक इसे कानूनी सहायता का महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं, जबकि आलोचकों की अपनी अलग राय है। फिलहाल वेबसाइट की लॉन्चिंग और उसके संचालन की विस्तृत जानकारी जल्द सार्वजनिक किए जाने की बात कही गई है।
देश में पहले से भी विभिन्न सरकारी और वैधानिक संस्थाओं के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता की व्यवस्था मौजूद है। अब यह देखना होगा कि CJP की यह नई पहल व्यवहारिक स्तर पर किस प्रकार काम करती है और इससे प्रभावित लोगों को कितना लाभ मिल पाता है। CJP Legal Aid















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