Iran Strait Of Hormuz Closed Again : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल ने हालिया संघर्षविराम (Ceasefire) समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिसके जवाब में यह कदम उठाया गया है।
ईरानी सैन्य मुख्यालय ने कहा कि यह सिर्फ पहला कदम है और अगर कथित उल्लंघन जारी रहे तो आगे और भी कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। ईरान का आरोप है कि इजरायल ने लेबनान में हमले जारी रखकर समझौते की भावना को नुकसान पहुंचाया है, जबकि अमेरिका इस स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रहा है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का संकट पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
ईरान के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई है। शिपिंग कंपनियां और तेल कारोबारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबी चली तो तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
अमेरिका ने क्या कहा?
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसे स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं कि समुद्री यातायात पूरी तरह रुक गया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और फिलहाल कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं।
इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत क्षेत्र में तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर सहमति बनी थी। लेकिन अब नए विवाद ने उस समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की बाधा भारत के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। हालांकि हाल ही में कुछ भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुके हैं और भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संकट गहराता है तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर पेट्रोल-डीजल और परिवहन लागत पर भी दिखाई दे सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं। एक तरफ ईरान अपने रुख पर कायम है, वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी हालात को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो यह विवाद सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट का कारण भी बन सकता है।
मौजूदा हालात में इतना साफ है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर शुरू हुआ यह नया विवाद मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों को बड़ा झटका दे सकता है और दुनिया के ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा सकता है। Iran Strait Of Hormuz Closed Again

