Telangana SIR 2026 : हैदराबाद: तेलंगाना में वोटर लिस्ट की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। चुनाव अधिकारियों ने प्री-स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Pre-SIR) मैपिंग अभियान में करीब 89 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां चिन्हित की हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के रिकॉर्ड में त्रुटियां मिली हैं, उन्हें दस्तावेज़ों के जरिए अपनी जानकारी सही साबित करनी होगी, वरना उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया भी जा सकता है।
तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) सी. सुधर्शन रेड्डी के अनुसार राज्य के लगभग 3.39 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 2.32 करोड़ से अधिक लोगों की मैपिंग की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के दौरान 88 से 89 लाख के बीच ऐसे रिकॉर्ड सामने आए जिनमें उम्र, रिश्तेदारी, पते या दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियां पाई गईं।
चुनाव आयोग की जांच में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ मामलों में भाई-बहनों की उम्र में असामान्य अंतर पाया गया, कहीं माता-पिता और बच्चों की उम्र मेल नहीं खा रही थी। कुछ रिकॉर्ड में रिश्तेदारों के नाम बदल गए थे, जबकि कई मामलों में जरूरी दस्तावेज अपलोड ही नहीं किए गए थे। अधिकारियों ने कुल 11 प्रकार की विसंगतियों की पहचान की है।

सबूत नहीं दिया तो क्या होगा?
अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए हैं, उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद सुनवाई होगी और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अपनी जानकारी सही साबित नहीं कर पाता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। हालांकि चुनाव अधिकारियों का दावा है कि लगभग 90 प्रतिशत मामलों का समाधान दस्तावेज़ों की जांच के बाद हो जाने की उम्मीद है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी ?
रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद और उसके आसपास के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा विसंगतियां मिली हैं। कुतुबुल्लापुर, एलबी नगर, उप्पल, सेरिलिंगमपल्ली और कुकटपल्ली जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में रिकॉर्ड सत्यापन के लिए चिन्हित किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि लगातार माइग्रेशन, किराये के मकान और बार-बार पता बदलने की वजह से ऐसी समस्याएं बढ़ी हैं।
इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि कहीं असली मतदाताओं के नाम गलती से सूची से बाहर न हो जाएं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जाएगा और सभी को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा।
फिलहाल तेलंगाना में वोटर वेरिफिकेशन का यह अभियान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में लाखों मतदाताओं की निगाहें चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी रहेंगी। Telangana SIR 2026

