RSS Statement: नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक इन्द्रेश कुमार का एक बयान इन दिनों सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान इस देश के किराएदार नहीं हैं, बल्कि वे इस देश के मूल नागरिक थे और हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता, साझा विरासत और सभी समुदायों की बराबर भागीदारी से बनी है।
इन्द्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सभ्यता हजारों वर्षों पुरानी है और यहां रहने वाले सभी समुदायों ने देश के निर्माण और विकास में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय को अपने ही देश में बाहरी या किराएदार बताना सही सोच नहीं है। उनके मुताबिक, हिंदुस्तान की ताकत उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे में छिपी हुई है।
इंद्रीश कुमार ने कहा समाज में नफरत फैलाने वाली बातों से बचना चाहिए। RSS Statement
उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले मुसलमानों की जड़ें भी इसी मिट्टी से जुड़ी हुई हैं। इतिहास, संस्कृति और विरासत सभी भारतीयों की साझा धरोहर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज में नफरत फैलाने वाली बातों से बचना चाहिए और आपसी भरोसे तथा मोहब्बत को मजबूत करना चाहिए।RSS Statement
कार्यक्रम में इन्द्रेश कुमार ने यह भी कहा कि देश की तरक्की तभी संभव है जब सभी मजहब और समुदाय मिलकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है और हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए। उनके मुताबिक, मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे समय में जब समाज में कई मुद्दों पर बहस चल रही है, इन्द्रेश कुमार का यह बयान अलग तरह का संदेश देता है। कुछ लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने वाला बताया, जबकि कुछ राजनीतिक दलों और विश्लेषकों ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, इस बयान को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चा जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और साझा इतिहास से रही है। देश में अलग-अलग धर्म, भाषा और परंपराओं के लोग सदियों से साथ रहते आए हैं। इसी वजह से भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ-साथ विविधता का भी प्रतीक माना जाता है।
इन्द्रेश कुमार पहले भी कई मौकों पर हिंदू-मुस्लिम एकता, साझा संस्कृति और राष्ट्रीय एकजुटता को लेकर अपने विचार रख चुके हैं। उन्होंने अतीत में भी कहा था कि भारत के अधिकांश मुसलमानों की जड़ें इसी देश से जुड़ी हैं और सभी भारतीयों के पूर्वज साझा रहे हैं।

फिलहाल उनका यह नया बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थक इसे सामाजिक सद्भाव का संदेश बता रहे हैं, जबकि आलोचक अपने-अपने नजरिए से इसकी व्याख्या कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज होने की संभावना है। हालांकि, इन्द्रेश कुमार ने अपने संबोधन में बार-बार यही कहा कि भारत की असली ताकत उसकी एकता, भाईचारा और साझा विरासत है, जिसे हर हाल में मजबूत बनाए रखना चाहिए।RSS Statement

