Najaf Iraq: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली ख़ामनेई के जनाज़े का काफिला इराक के मुक़द्दस शहर नजफ़ पहुंच गया है। शिया मुसलमानों के लिए नजफ़ दुनिया के सबसे अहम धार्मिक शहरों में शुमार होता है। यहां इमाम अली की दरगाह मौजूद है, जिसकी वजह से इस जनाज़े को धार्मिक और सियासी दोनों लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में कई दिनों तक चले अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद ख़ामनेई के ताबूत को विशेष विमान से नजफ़ लाया गया। एयरपोर्ट पर इराक के प्रधानमंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और धार्मिक नेताओं ने उनका स्वागत किया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान भी इस मौके पर मौजूद रहे।

हालांकि इसी दौरान क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की ओर से ईरान से जुड़े ठिकानों पर नए सैन्य हमले किए जाने के बाद ईरानी राष्ट्रपति को अपना इराक दौरा तय समय से पहले समाप्त करना पड़ा। इससे पूरे मध्य पूर्व में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

नजफ़ पहुंचने के बाद हज़ारों लोगों ने जनाज़े का इस्तकबाल किया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिन्होंने मातमी जुलूस में हिस्सा लिया। लोगों ने ईरानी झंडे और अली ख़ामनेई की तस्वीरें हाथों में लेकर श्रद्धांजलि दी। कई जगह धार्मिक नारे भी लगाए गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे शहर में कड़े इंतज़ाम किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके

नजफ़ के बाद जनाज़े को इराक के एक और पवित्र शहर कर्बला ले जाया जाएगा।Najaf Iraq

बताया जा रहा है कि नजफ़ के बाद जनाज़े को इराक के एक और पवित्र शहर कर्बला ले जाया जाएगा। वहां धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाया जाएगा, जहां अंतिम दफ़न की रस्म अदा की जाएगी। Najaf Iraq

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतिम यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ईरान अपने समर्थकों और दुनिया को यह संदेश भी देना चाहता है कि हालिया घटनाओं के बावजूद उसकी राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था कायम है। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है।

इराक सरकार ने लाखों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर विशेष ध्यान दिया है। कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और प्रशासन लगातार हालात पर नज़र रखे हुए है।

मध्य पूर्व पहले से ही कई संघर्षों और राजनीतिक तनावों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में अली ख़ामनेई की अंतिम यात्रा और .-ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक स्तर पर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति किस दिशा में जाती है और दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है या और बढ़ता है। Najaf Iraq