NATO Summit Ankara: अंकारा। दुनिया की निगाहें तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन पर टिकी रहीं, जहां दो दिनों तक चली अहम बैठकों के बाद कई बड़े फैसले सामने आए। सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान की रही, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को Patriot Missile System के निर्माण की तकनीक और लाइसेंस देने के लिए तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने NATO गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अहम मुलाकात हुई। इस बैठक में यूक्रेन की सुरक्षा, रूस के साथ जारी जंग और भविष्य की सैन्य मदद पर विस्तार से बातचीत हुई। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को Patriot Missile बनाने का अधिकार देगा और उसे इसकी तकनीक भी उपलब्ध कराएगा, ताकि यूक्रेन अपनी हवाई सुरक्षा को और मजबूत बना सके।
NATO की ओर से जारी संयुक्त घोषणा में कहा गया कि सभी सदस्य देश यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में एकजुट हैं। गठबंधन ने वर्ष 2026 के लिए यूक्रेन को 70 अरब यूरो की सैन्य सहायता, प्रशिक्षण और रक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का संकल्प भी दोहराया। इस फैसले को रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों की बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान ट्रंप का रुख पहले की तुलना में काफी बदला हुआ दिखाई दिया। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका NATO गठबंधन के साथ बना रहेगा और सहयोग जारी रखेगा। इससे पहले कई मौकों पर ट्रंप NATO देशों के रक्षा खर्च को लेकर तीखी आलोचना करते रहे थे, लेकिन इस बार उन्होंने गठबंधन की एकजुटता की सराहना की।

मिसाइल निर्माण की प्रक्रिया आसान नहीं होगी: NATO Summit Ankara
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन को Patriot Missile निर्माण का लाइसेंस मिलने से उसकी रक्षा क्षमता में बड़ा इज़ाफ़ा हो सकता है। हालांकि मिसाइल निर्माण की प्रक्रिया आसान नहीं होगी और इसमें समय लगेगा, लेकिन यह फैसला यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। NATO Summit Ankara
NATO सम्मेलन में रक्षा बजट बढ़ाने पर भी सहमति बनी। सदस्य देशों ने आधुनिक रक्षा तकनीक, एयर डिफेंस सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैन्य उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ज़ोर दिया। NATO महासचिव ने कहा कि गठबंधन पहले से अधिक मजबूत और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर यूक्रेन लगातार रूस के हमलों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी देश उसकी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए नए-नए कदम उठा रहे हैं। सम्मेलन में यह भी दोहराया गया कि यूक्रेन को मिलने वाली सहायता भविष्य में भी जारी रहेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंकारा में हुए इस सम्मेलन के फैसले आने वाले महीनों में यूरोप की सुरक्षा नीति और रूस-यूक्रेन युद्ध की दिशा पर गहरा असर डाल सकते हैं। खासकर Patriot Missile तकनीक और NATO की आर्थिक-सैन्य सहायता को यूक्रेन के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं रूस की ओर से इन फैसलों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। NATO Summit Ankara

