Akhilesh Yadav Statement: लखनऊ। गोंडा के विनोद साहनी की मौत का मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसने उत्तर प्रदेश की सियासत को भी गरमा दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार सरकार और सरकार से जुड़े लोग बड़े पैमाने पर अन्याय कर रहे हैं। उनके मुताबिक कई जगह ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली जा रही है। Akhilesh Yadav Statement
अखिलेश यादव ने मंत्री संजय निषाद के धरने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार में शामिल एक मंत्री को ही धरने पर बैठना पड़े तो यह अपने आप में गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि केवल धरने पर बैठने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए मजबूती से आवाज उठानी होगी।
विनोद साहनी की मौत के बाद गुरुवार रात लखनऊ के केजीएमयू में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सियासी रंग दे दिया। Indian Express के मुताबिक समाजवादी पार्टी के नेता भी इस विरोध में शामिल हुए और सरकार में शामिल मंत्री की सुनवाई नहीं होने का सवाल उठाया।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि प्रदेश में अन्याय की घटनाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं और कई मामलों में लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है।
संजय निषाद का धरना और पुलिस कार्रवाई
विनोद साहनी गोंडा के रहने वाले थे और निषाद पार्टी से जुड़े बताए जा रहे हैं। 45 वर्षीय साहनी बर्तन के कारोबारी थे। पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को शिकायत दर्ज होने के बाद उनके मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। Akhilesh Yadav Statement

शुरुआत में हमले को लेकर गोली और चाकू से वार किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कहा कि शरीर पर गोली या धारदार हथियार के घाव नहीं मिले। पुलिस के मुताबिक साहनी की मौत लाठियों से हुई मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण हुई। इस मामले में तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही तीन पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।
गोंडा पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और सांप्रदायिक पोस्ट को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद साहनी पर हमला किया गया। हालांकि इस पूरे मामले में जांच अभी जारी है और पुलिस ने बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की हैं। Akhilesh Yadav Statement
विनोद साहनी की मौत की खबर सामने आने के बाद संजय निषाद ने लखनऊ में केजीएमयू के मुर्दाघर के बाहर धरना दिया। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जा सकता है।
मामले में पुलिस की तरफ से भी कार्रवाई की गई है। गोंडा के संबंधित थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और एक कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। पुलिस प्रशासन ने इसे ड्यूटी में लापरवाही से जोड़ते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

मंत्री के धरने से विपक्ष को मिला सरकार घेरने का मौका…Akhilesh Yadav Statement
विनोद साहनी की मौत के बाद जिस तरह मंत्री संजय निषाद खुद धरने पर बैठे, उसने यूपी की सियासत में कई सवाल खड़े कर दिए। संजय निषाद की निषाद पार्टी राज्य सरकार की सहयोगी है। ऐसे में सरकार के ही एक मंत्री का प्रशासन से कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठना विपक्ष के लिए सरकार को घेरने का बड़ा मौका बन गया।
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अखिलेश यादव ने इसी राजनीतिक स्थिति को निशाना बनाते हुए कहा कि अगर सरकार में शामिल मंत्री को भी अपनी बात रखने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है तो यह गंभीर स्थिति है। उन्होंने मंत्री से अपील करते हुए कहा कि सिर्फ धरने पर बैठने के बजाय सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएं और न्याय सुनिश्चित कराने के लिए मजबूती से कदम उठाएं। Akhilesh Yadav Statement
समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। अखिलेश यादव ने पहले ही मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने यूपी में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला था।
शुक्रवार को भी इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल जारी रही। रिपोर्टों के मुताबिक समाजवादी पार्टी के नेता गोंडा पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर समर्थन का भरोसा दिलाया। इस तरह विनोद साहनी की मौत अब प्रदेश की सियासत में एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। Akhilesh Yadav Statement
हालांकि पूरे मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली या चाकू से चोट की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि शुरुआती दावों में अलग तरह की बातें कही गई थीं। ऐसे में आगे की जांच से हमले की पूरी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद भी राजनीतिक दबाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। मंत्री संजय निषाद लगातार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि अखिलेश यादव ने इस घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ दिया है। Akhilesh Yadav Statement
विनोद साहनी मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि किसी भी नागरिक के साथ हिंसा होने पर पुलिस और प्रशासन की भूमिका कितनी तेज और निष्पक्ष होनी चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के आरोप और उसके बाद हिंसा की घटनाएं भी गंभीर चिंता का विषय हैं। कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं हो सकती और किसी भी विवाद का फैसला कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही होना चाहिए।
अब निगाहें पुलिस जांच, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। इस बीच अखिलेश यादव के बयान ने मामले को सियासी तौर पर और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और प्रदेश की राजनीति में भी जोर पकड़ सकता है।
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Sources: Indian Express , जनसत्ता











