Moradabad Mosque News: मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माण और जमीन के विवाद एक बार फिर चर्चा में हैं। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब मुरादाबाद के पाकबड़ा इलाके में स्थित मुस्तफा मस्जिद को लेकर मामला गरमा गया है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने मस्जिद के प्रबंधक को नोटिस जारी कर निर्माण से संबंधित दस्तावेज और अनुमति पेश करने को कहा है। नोटिस के बाद स्थानीय लोगों में बेचैनी है और मस्जिद को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पाकबड़ा में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU) के सामने स्थित मुस्तफा मस्जिद करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर इसे कई दशक पुरानी मस्जिद बताया जा रहा है। अब MDA ने निर्माण की वैधानिकता को लेकर मस्जिद प्रबंधन से जवाब मांगा है। Moradabad Mosque News
प्राधिकरण के नोटिस में कहा गया है कि संबंधित निर्माण के लिए विकास प्राधिकरण से जरूरी अनुमति प्राप्त किए जाने के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। नोटिस में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की संबंधित धाराओं का हवाला देते हुए मस्जिद प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक MDA ने मस्जिद के प्रबंधक को 3 सितंबर 2026 को दोपहर एक बजे तक यह बताने का अवसर दिया था कि कथित अनधिकृत निर्माण को गिराने का आदेश क्यों न पारित किया जाए। यानी फिलहाल मामला नोटिस और जवाब की प्रक्रिया में है; इसे सीधे तौर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कहना सही नहीं होगा।
मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि नोटिस में जिस कानूनी प्रक्रिया का उल्लेख है, उसके तहत यदि निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाया जाता है और प्रबंधन अपने पक्ष में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता, तो आगे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, मस्जिद प्रबंधन का पक्ष और निर्माण से संबंधित पुराने दस्तावेज इस समय सार्वजनिक तौर पर पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। इसलिए अंतिम स्थिति प्रशासन द्वारा जांच और संबंधित पक्ष के जवाब के बाद ही साफ होगी।

7 जुलाई को TMU के पास मजार पर हो चुकी है बुलडोजर कार्रवाई…Moradabad Mosque News
मुस्तफा मस्जिद से जुड़े घटनाक्रम के बीच 7 जुलाई 2026 की वह कार्रवाई भी चर्चा में है, जब TMU के पास स्थित बाबा फौलाद शाह की मजार को प्रशासन ने बुलडोजर से हटा दिया था। Moradabad Mosque News
मुरादाबाद से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन का कहना था कि मजार तालाब की जमीन पर कथित अवैध कब्जे के रूप में बनी थी। कार्रवाई के बाद इलाके में इसे लेकर भी चर्चाएं हुई थीं।

अब उसी इलाके में स्थित मुस्तफा मस्जिद को MDA की ओर से नोटिस मिलने के बाद लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। खास तौर पर इसलिए कि मस्जिद और मजार दोनों ही धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल हैं और इनके संबंध में किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का सामाजिक असर पड़ सकता है।

ऐसे मामलों में जमीन का रिकॉर्ड, निर्माण की अनुमति, नक्शे की स्वीकृति और संबंधित विभागों के दस्तावेज बेहद अहम हो जाते हैं। प्रशासन अगर किसी निर्माण को अनधिकृत मानता है तो संबंधित पक्ष को जवाब और दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाना कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
मुरादाबाद के इस मामले में भी यही सवाल सबसे अहम है कि मुस्तफा मस्जिद के निर्माण से संबंधित पुराने रिकॉर्ड क्या कहते हैं और क्या मस्जिद प्रबंधन के पास निर्माण की अनुमति अथवा अन्य वैधानिक दस्तावेज मौजूद हैं।
सहारनपुर की कार्रवाई के बाद बढ़ी संवेदनशीलता, प्रशासनिक कदम पर नजर
मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद का मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर बड़ा विवाद हुआ। सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के खिलाफ सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण का मामला अदालतों तक पहुंचा था। जिला अदालत द्वारा मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज किए जाने के बाद प्रशासन ने 5 सितंबर को मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। Moradabad Mosque News
रिपोर्टों के अनुसार सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जा मानते हुए हटाने और करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया था। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन 2 सितंबर को जिला अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
सहारनपुर की कार्रवाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े भूमि और निर्माण विवादों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। ऐसे माहौल में पाकबड़ा की मुस्तफा मस्जिद को मिला MDA का नोटिस भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। Moradabad Mosque News
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि मुस्तफा मस्जिद पर अभी बुलडोजर नहीं चला है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्राधिकरण ने पहले जवाब और दस्तावेज मांगे हैं। आगे की कार्रवाई संबंधित दस्तावेजों की जांच और प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगी। Moradabad Mosque News
स्थानीय लोगों के लिए भी यह मामला संवेदनशील है। प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन दोनों से उम्मीद की जा रही है कि पूरे मामले में दस्तावेजों और कानून के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि किसी तरह की अफवाह या गलत सूचना से इलाके का माहौल खराब न हो।
मुरादाबाद में अब निगाहें इस बात पर हैं कि MDA के नोटिस का मस्जिद प्रबंधन क्या जवाब देता है और प्राधिकरण उस जवाब तथा उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद क्या फैसला करता है। फिलहाल मामला नोटिस, दस्तावेज और जवाब की प्रक्रिया में है। Moradabad Mosque News
Sources: नवभारत टाइम्स , इंडियन एक्सप्रेस











