Gorakhpur Shamli Economic Corridor : लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है। बहुप्रतीक्षित गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर अब रामपुर से होकर गुजरेगा। इस फैसले को इलाके के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कॉरिडोर के बनने से रामपुर समेत पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में कारोबार, निवेश और रोज़गार के नए मौके पैदा होंगे। परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने खुशी ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है।

जानकारी के मुताबिक, यह ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसकी कुल लंबाई करीब 742 किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 40 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए कई ज़िलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

नई रूट प्लानिंग के तहत यह कॉरिडोर रामपुर से होकर गुजरेगा। इससे ज़िले की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज़ और बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से उद्योग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कृषि उत्पादों की आवाजाही आसान होगी। इसका सीधा फायदा किसानों, व्यापारियों और छोटे उद्योगों को मिलेगा।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जोड़ने की भी योजना बताई जा रही है। Gorakhpur Shamli Economic Corridor

यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली से शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक जाएगा। आगे इसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जोड़ने की भी योजना बताई जा रही है, जबकि पश्चिम की ओर पानीपत क्षेत्र से बेहतर संपर्क मिलने की संभावना है। इससे उत्तर भारत के बड़े औद्योगिक और व्यापारिक इलाकों के बीच माल ढुलाई तेज़ और सस्ती हो सकेगी। Gorakhpur Shamli Economic Corridor

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आसपास औद्योगिक विकास, नए निवेश और आधुनिक सुविधाओं का भी रास्ता खुलेगा। एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर, लॉजिस्टिक पार्क और वेयरहाउस विकसित किए जाने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ सकते हैं।

रामपुर के लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके को किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का इंतज़ार था। अब यदि कॉरिडोर तय समय पर पूरा होता है तो ज़िले की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है। व्यापारियों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से परिवहन लागत घटेगी और कारोबार में तेज़ी आएगी।

हालांकि, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं अभी जारी हैं। प्रशासन ने प्रभावित किसानों को नियमों के मुताबिक मुआवज़ा देने का भरोसा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। इससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच सफर आसान होगा, माल ढुलाई का समय कम होगा और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। अगर परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो यह राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में शामिल होगी। Gorakhpur Shamli Economic Corridor