Family Return: 36 साल बाद घर लौटा कश्मीरी पंडित परिवार, मुस्लिम भाइयों के सहयोग से खोला रेस्टोरेंट
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत, भाईचारे और आपसी भरोसे की नई मिसाल पेश कर दी है। उत्तर कश्मीर के लंगेट इलाके में करीब 36 साल बाद एक कश्मीरी पंडित परिवार अपने पुश्तैनी घर लौट आया। परिवार की वापसी सिर्फ एक घर लौटने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे की वापसी भी है जो बीते कई दशकों में कहीं खो गया था।
चंद्रा धर और उनके बेटे आकाश ने अपने पुराने घर में नई ज़िंदगी की शुरुआत करते हुए एक छोटा सा रेस्टोरेंट खोला है। सबसे खास बात यह रही कि इस नए कारोबार को शुरू करने में स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने खुलकर उनका साथ दिया। इलाके के लोगों ने परिवार का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया और हर संभव मदद देकर यह संदेश दिया कि कश्मीर की असली पहचान मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की वापसी नहीं बल्कि पूरे इलाके के लिए खुशी का मौका है। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में दूसरे विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवार भी अपने घर लौटेंगे और घाटी में पहले जैसा सामाजिक माहौल फिर से कायम होगा।
चंद्रा धर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इतने लंबे समय बाद अपने घर लौटना किसी सपने के सच होने जैसा है।
स्थानीय लोगों के प्यार और सहयोग ने सारी दूरियां खत्म कर दीं।Kashmiri Pandit Family Return
उन्होंने बताया कि शुरू में मन में थोड़ी झिझक थी, लेकिन स्थानीय लोगों के प्यार और सहयोग ने सारी दूरियां खत्म कर दीं। उनके बेटे आकाश ने कहा कि उन्होंने रेस्टोरेंट इसलिए शुरू किया ताकि स्थानीय लोगों के साथ रोज़ाना मेलजोल बढ़े और रोजगार का एक बेहतर जरिया भी बन सके।
रेस्टोरेंट खुलने के बाद आसपास के लोग लगातार वहां पहुंच रहे हैं। कई लोगों ने परिवार का स्वागत करते हुए कहा कि कश्मीर की खूबसूरती सिर्फ उसकी वादियों में नहीं बल्कि यहां रहने वाले लोगों की मोहब्बत में भी बसती है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने साफ कहा कि सभी लोग मिल-जुलकर शांति और तरक्की के साथ रहना चाहते हैं।
गौरतलब है कि 1990 के दशक में हालात बिगड़ने के बाद बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित परिवारों को घाटी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद से सरकार और सामाजिक संगठनों की ओर से समय-समय पर उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जाते रहे हैं। हालांकि, अब इस तरह की घटनाएं लोगों में नई उम्मीद जगा रही हैं कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

सामाजिक जानकारों का मानना है कि ऐसी सकारात्मक पहलें समाज में भरोसा मजबूत करने का काम करती हैं। जब अलग-अलग समुदाय एक-दूसरे का हाथ थामते हैं तो नफरत की दीवारें खुद-ब-खुद कमजोर पड़ने लगती हैं। लंगेट में कश्मीरी पंडित परिवार की वापसी को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
फिलहाल यह रेस्टोरेंट इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग वहां सिर्फ खाना खाने नहीं बल्कि इस परिवार का हौसला बढ़ाने भी पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कश्मीर की असली तस्वीर अमन, मोहब्बत और भाईचारे की है और आने वाले समय में ऐसी मिसालें और भी देखने को मिलेंगी। Kashmiri Pandit Family Return

