Mumbai School Bus Accident : मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। भारी बारिश के बीच चेंबूर इलाके में बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल बस पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। हादसा इतना भयावह था कि बस का एक हिस्सा पूरी तरह दब गया। इस हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए। कई बच्चों को चोटें आई हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग बच्चों की मदद के लिए दौड़ पड़े।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कूल बस रोज की तरह बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ा एक पुराना और विशाल पेड़ अचानक भरभराकर बस के ऊपर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही बस के अंदर बैठे बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बस की ओर दौड़ लगाई और पुलिस तथा दमकल विभाग को सूचना दी।

कुछ ही मिनटों में मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। रेस्क्यू टीम ने पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाओं को काटकर बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। शुरुआती जानकारी में बताया गया था कि एक बच्चा बस के अंदर फंसा हुआ है, जिसे काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। Mumbai School Bus Accident:

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक घायल बच्चों में कई को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। इलाज के दौरान एक छात्र की जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरा दुख और गुस्सा देखने को मिला।

आरोप है कि पेड़ की छंटाई या उसे हटाने की मांग भी की गई थी, Mumbai School Bus Accident:

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पेड़ के गिरने से यह हादसा हुआ, वह काफी पुराना था और लंबे समय से उसकी हालत खराब थी। लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी और पेड़ की छंटाई या उसे हटाने की मांग भी की गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस हादसे के बाद एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पुराने और कमजोर पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर राहत और बचाव कार्य पूरा कराया। साथ ही इस बात की जांच शुरू कर दी गई है कि पेड़ गिरने की असली वजह क्या थी। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं पेड़ के रखरखाव में लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। यदि जांच में किसी विभाग या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इस घटना के बाद अभिभावकों में भी डर का माहौल है। उनका कहना है कि स्कूल बसों की सुरक्षा के साथ-साथ बारिश के मौसम में सड़क किनारे मौजूद पुराने पेड़ों का सर्वे होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सोशल मीडिया पर भी लोग इस हादसे को लेकर दुख जता रहे हैं और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।

फिलहाल सभी की नजर घायल बच्चों के स्वास्थ्य पर है। डॉक्टर लगातार उनका इलाज कर रहे हैं, जबकि पुलिस और नगर निगम की टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मानसून के दौरान सिर्फ जलभराव ही नहीं, बल्कि पुराने पेड़ भी लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। समय रहते उनकी जांच और देखभाल बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान इस तरह के हादसों में न जाए। Mumbai School Bus Accident