Satpal Encounter : मुजफ्फरनगर: पंजाब की जेल से फरार होकर उत्तर प्रदेश में छिपे बैठे कुख्यात अपराधी और कथित सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू का आखिरकार अंत हो गया। मुजफ्फरनगर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि सतपाल कई संगीन अपराधों में वांछित था और फरवरी 2026 में लुधियाना जेल से फरार होने के बाद लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस के मुताबिक सतपाल उर्फ सत्तू पिछले कई महीनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में पहचान छिपाकर रह रहा था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और लूट जैसे गंभीर मामलों समेत 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। इतना ही नहीं, पुलिस का कहना है कि वह कुख्यात छोटा राजन गैंग से भी जुड़ा रहा है।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने हाल ही में उसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि इस वारदात के पीछे भी सतपाल का हाथ है। इसके बाद पुलिस ने 10 विशेष टीमें बनाकर उसकी तलाश शुरू कर दी। Satpal Encounter,

करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लड़की को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि उसने पंजाब में लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे यमुनानगर में बस में बैठाकर फरार हो गया।
पुलिस टीम पर की ताबड़तोड़ फायरिंग
सोमवार देर रात करीब 11:25 बजे सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर की एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने कार रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने लगा।
पुलिस के अनुसार घेराबंदी होने पर आरोपी ने कार छोड़ दी और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान सतपाल उर्फ सत्तू को दो गोलियां लगीं। एक गोली उसके पैर में और दूसरी कमर के ऊपर लगी। घायल हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही थी। हालांकि मंगलवार दोपहर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और करीब 1 बजे उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक अधिक खून बह जाने की वजह से उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
लड़कियों का अपहरण करता था
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर अपराधी था और लड़कियों को निशाना बनाकर उनका अपहरण करता था। पुलिस का दावा है कि फरवरी से अब तक वह कई लड़कियों को अपना शिकार बना चुका था।
मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, जिंदा कारतूस, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और अपहृत किशोरी की सोने की बालियां भी बरामद की हैं।

फिलहाल मुठभेड़ में घायल दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है। वहीं पुलिस अब सतपाल के आपराधिक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और फरारी के दौरान किए गए अन्य अपराधों की भी जांच में जुट गई है।
करीब 16 साल जेल में रहने और फिर जेल से फरार होने के बाद आखिरकार सतपाल उर्फ सत्तू की अपराध की कहानी मुजफ्फरनगर में जाकर खत्म हो गई। लेकिन उसके पीछे छोड़े गए सवाल और पीड़ितों की दर्दनाक कहानियां अभी भी जांच एजेंसियों के सामने हैं। Satpal Encounter

