Chandrashekhar Azad: देहरादून/टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में दलित युवक केतन की मौत के मामले ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद सोमवार को मृतक केतन के परिवार से मुलाकात करने के लिए देवलगांव जा रहे थे। इसी दौरान नरेंद्र नगर में पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया, जिसके बाद मौके पर काफ़ी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को देखते हुए काफिले को कुछ समय के लिए रोका गया। नरेंद्र नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक देवराज शर्मा ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक जांच और बातचीत के बाद स्थिति को संभाला।

काफिला रोके जाने पर सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और कहा कि वह इस पूरे मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति (Privileges Committee) के सामने उठाएंगे। इस दौरान उनके समर्थकों ने भी विरोध दर्ज कराया और मौके पर कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

चार वाहनों को देवलगांव जाने की इजाज़त दी गई।Chandrashekhar Azad

काफी देर तक चली बातचीत और अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद प्रशासन ने समझौते का रास्ता निकाला। पुलिस ने सांसद के पूरे काफिले को आगे जाने की अनुमति नहीं दी, लेकिन चार वाहनों को देवलगांव जाने की इजाज़त दे दी। इन चार वाहनों में सांसद की सुरक्षा में शामिल एक वाहन भी शामिल था। इसके बाद चंद्रशेखर आज़ाद अपने सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रवाना हुए। Chandrashekhar Azad

बताया जा रहा है कि केतन नामक दलित युवक की मौत के बाद इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में गुस्सा है। इसी वजह से प्रशासन किसी भी तरह की भीड़ या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

राजनीतिक हलकों में भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि उसका मकसद केवल सुरक्षा बनाए रखना था। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ भेदभाव नहीं किया गया और सभी फैसले कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिए गए।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। दलित संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं आज़ाद समाज पार्टी ने कहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी और यदि ज़रूरत पड़ी तो यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक उठाया जाएगा।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं। देवलगांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। आने वाले दिनों में इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नज़र रहेगी Chandrashekhar Azad