Hate Speech: ऑकलैंड/वेलिंगटन। न्यूज़ीलैंड में विवादित धार्मिक और हिंदुत्व समर्थक प्रचारक ब्रायन तमाकी (Brian Tamaki) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके कथित भड़काऊ बयानों और सिख समुदाय के खिलाफ की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। न्यूज़ीलैंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पास मौजूद लाइसेंसी हथियार जब्त कर लिए हैं और उनका फायरआर्म्स लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस और फायरआर्म्स सेफ्टी अथॉरिटी ने यह कदम उस समय उठाया जब ब्रायन तमाकी के हालिया सार्वजनिक बयानों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में नफरत और तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इसी आधार पर उनके हथियार रखने की अनुमति समाप्त कर दी गई।
ब्रायन तमाकी पहले भी अपने तीखे और विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने भारत से जुड़े मुद्दों और न्यूज़ीलैंड में रहने वाले हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदायों को लेकर कई विवादित टिप्पणियां की थीं। इन बयानों के बाद देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई। कई संगठनों ने इसे नफरत फैलाने वाला बताया और सरकार से कार्रवाई की मांग की।

सामाजिक संगठनों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस के फैसले का समर्थन किया Hate Speech
पुलिस की कार्रवाई के बाद ब्रायन तमाकी ने अपने समर्थकों के बीच इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया। हालांकि न्यूज़ीलैंड के कई सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि किसी भी समाज में हिंसा या नफरत भड़काने वाले बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते।Hate Speech
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कुछ संगठनों का कहना है कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से हिंसा भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर भी देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूज़ीलैंड लंबे समय से बहुसांस्कृतिक समाज रहा है, जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग साथ रहते हैं। ऐसे में किसी भी समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहा है।
फिलहाल पुलिस ने हथियार जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने की पुष्टि की है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा या नहीं। जांच एजेंसियां पूरे मामले की समीक्षा कर रही हैं और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद न्यूज़ीलैंड में नफरत फैलाने वाले भाषण, धार्मिक सौहार्द और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। Hate Speech

