Uniform Civil Code Uttarakhand: हैदराबाद/देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद अब मदरसों को लेकर सियासी बहस और तेज होती दिखाई दे रही है। हैदराबाद में तहरीक मुस्लिम शब्बान के प्रमुख मौलाना मुश्ताक मलिक ने उत्तराखंड की धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले राज्य में UCC लागू किया गया और अब मदरसा-ए-दीनिया को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मदरसों की फंडिंग रोक दी गई है और इससे धार्मिक शिक्षा प्रभावित हो रही है।

मौलाना मुश्ताक मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिक्षा किसी भी धर्म की हो, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक किसी एक खास मजहब को निशाना बनाकर उसकी तालीमी संस्थाओं पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लामी तालीम देने वाले मदरसों को लेकर सरकार का रवैया चिंता पैदा करने वाला है और इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मदरसे केवल धार्मिक शिक्षा का केंद्र नहीं हैं, बल्कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के बच्चों को भी शिक्षा उपलब्ध कराते हैं। ऐसे संस्थानों को लेकर किसी भी तरह का फैसला सोच-समझकर लिया जाना चाहिए ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है Uniform Civil Code Uttarakhand

उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है, जबकि कुछ संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अब मदरसों की व्यवस्था और उनकी फंडिंग पर भी चर्चा तेज हो गई है।Uniform Civil Code Uttarakhand

मौलाना मुश्ताक मलिक के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी बहस शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि शिक्षा के मुद्दे को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, जबकि कुछ लोग सरकार के फैसलों का समर्थन करते हुए कहते हैं कि सभी शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता और नियमों का पालन जरूरी है।

तहरीक मुस्लिम शब्बान लंबे समय से सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर सक्रिय संगठन माना जाता है। संगठन के अनुसार उसका उद्देश्य मुस्लिम समाज में शिक्षा, सामाजिक सुधार और जागरूकता को बढ़ावा देना है। मौलाना मुश्ताक मलिक भी कई सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं।

हालांकि, मौलाना द्वारा लगाए गए इस आरोप कि “मदरसों की सभी फंडिंग रोक दी गई है”, इस पर उत्तराखंड सरकार की ओर से इस बयान के संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि UCC लागू होने के बाद देश के कई हिस्सों में इस विषय पर चर्चा जारी है और आने वाले समय में यह मुद्दा और भी गर्मा सकता है। दूसरी ओर शिक्षा और धार्मिक संस्थानों को लेकर सरकार तथा विभिन्न संगठनों के बीच संवाद की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।

फिलहाल मौलाना मुश्ताक मलिक का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि उत्तराखंड सरकार या संबंधित विभाग इस पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं और आगे इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए जाते हैं। Uniform Civil Code Uttarakhand