Railway Staff Clash : आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे ऑपरेटिंग स्टाफ आमने-सामने आ गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार RPF कर्मियों को निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब एक एक्सप्रेस ट्रेन आगरा कैंट स्टेशन से रवाना होने वाली थी। इसी दौरान एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गई। तभी ट्रेन चलने लगी। ड्यूटी पर मौजूद डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी SS) नरेंद्र चाहर ने महिला को ट्रेन से छूटता देखकर तुरंत वॉकी-टॉकी के जरिए सूचना दी और ट्रेन को कुछ दूरी पर रुकवा दिया, ताकि महिला सुरक्षित तरीके से दोबारा ट्रेन में सवार हो सके।

इसी बीच RPF के जवानों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। बताया जा रहा है कि डिप्टी SS ने महिला के साथ नरमी बरतने और परिस्थितियों को देखते हुए कार्रवाई न करने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ RPF कर्मी रेलवे अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की और कथित तौर पर उन्हें घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई।

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। Railway Staff Clash

रेलवे अधिकारियों ने घटना को अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से चार RPF कर्मियों—मेघराज मीणा, बालकिशन, बदन सिंह और जितेंद्र—को निलंबित कर दिया। कई रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय RPF प्रभारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। साथ ही तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। Railway Staff Clash

रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका भी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारियों के बीच इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों के संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। यदि किसी प्रकार का विवाद होता है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से टकराव की स्थिति पैदा की जाए।

वहीं, सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने डिप्टी SS द्वारा महिला यात्री की मदद करने की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। लोगों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और विभागों के बीच तालमेल बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का सहयोग करें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

फिलहाल आगरा कैंट स्टेशन पर हुई इस घटना ने रेलवे प्रशासन के भीतर समन्वय और अनुशासन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि पूरे विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। Railway Staff Clash