Lalita Gautam Murder: मेरठ। दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले ने उत्तर प्रदेश की सियासत को फिर से गर्म कर दिया है। आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सिवाया टोल प्लाजा पर ही रोक दिया। प्रशासन ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद टोल प्लाजा पर भारी संख्या में समर्थक जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस और प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं दूसरी ओर चंद्रशेखर आज़ाद ने साफ कहा कि उन्हें किसी भी कीमत पर पीड़ित परिवार से मिलने से नहीं रोका जा सकता। बाद में प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया कि पीड़ित परिवार को ही टोल प्लाजा पर लाकर उनकी मुलाकात कराई जाएगी।

यह पूरा मामला उस दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या से जुड़ा है, जिसकी कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। घटना के बाद परिवार न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। इसी दौरान मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे पर प्रदर्शन कर रहे परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार और थप्पड़ मारने के आरोप लगे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रदेशभर में नाराज़गी बढ़ गई।

इसी मुद्दे को लेकर सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने मेरठ आने का फैसला किया। उनके मेरठ पहुंचने की सूचना पहले ही प्रशासन को मिल चुकी थी। इसी कारण मुज़फ्फरनगर और मेरठ की सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। बावजूद इसके बड़ी संख्या में उनके समर्थक सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंच गए।

टोल प्लाजा पर आयोजित महापंचायत में चंद्रशेखर आज़ाद ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ललिता गौतम के हत्यारों को सख्त सज़ा नहीं मिली और पीड़ित परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह मेरठ में स्थायी आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

दलित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। Lalita Gautam Murder

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने कमजोर और पीड़ित लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। Lalita Gautam Murder

महापंचायत में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश भी पहुंचे। उन्होंने मंच से कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पीड़ित परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मेरठ पुलिस Lalita Gautam Murder

दूसरी ओर मेरठ पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति भीड़ के साथ आगे बढ़ने की इजाज़त नहीं दी जा सकती थी। पुलिस ने यह भी कहा कि पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। Lalita Gautam Murder

इस घटनाक्रम के बाद मेरठ का सिवाया टोल प्लाजा राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की निगाहें अब इस पूरे मामले पर टिकी हुई हैं। विपक्षी दल भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।

उधर पीड़ित परिवार लगातार यही मांग कर रहा है कि ललिता गौतम की हत्या की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर सज़ा दी जाए तथा परिवार के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल मेरठ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल लगातार तैनात है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से और अधिक तूल पकड़ सकता है। Lalita Gautam Murder