Mayawati Statement: लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और दलित-पिछड़े समाज से जुड़े मामलों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल अपने सियासी फायदे के लिए पिछड़े और वंचित समाज के लोगों को गुमराह कर सड़कों पर उतार देते हैं। इससे हिंसा, अफरा-तफरी और सड़क जाम जैसी स्थिति पैदा होती है, लेकिन इससे पीड़ित परिवारों को इंसाफ नहीं मिलता बल्कि उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
मायावती ने कहा कि कई बार देखा जाता है कि पहले लोगों को भड़काया जाता है, फिर हालात बिगड़ने के बाद वही नेता मौके पर पहुंचकर घड़ियाली आंसू बहाते हैं और राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति समाज के हित में नहीं है।
उन्होंने साफ कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जो रास्ता दिखाया था, वही आज भी सबसे सही रास्ता है। समाज को अपनी ताकत पहचाननी होगी और वोट की शक्ति के जरिए सत्ता की “मास्टर की” हासिल करनी होगी। यही रास्ता सामाजिक न्याय और सम्मान दिला सकता है।
BSP प्रमुख ने कहा कि सड़क पर संघर्ष करने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाना ज्यादा जरूरी है। अगर समाज एकजुट होकर मतदान करेगा तो उसकी आवाज खुद-ब-खुद मजबूत होगी और सरकारें उसकी बात सुनने को मजबूर होंगी।
कुछ राजनीतिक ताकतें केवल भावनाएं भड़काने का काम करती हैं: मायावतीMayawati Statement
मायावती ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें केवल भावनाएं भड़काने का काम करती हैं। जब कोई दुखद घटना होती है तो उसे राजनीतिक रंग देकर माहौल खराब किया जाता है। इससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। Mayawati Statement
उन्होंने कहा कि BSP हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करने में विश्वास रखती है। पार्टी का मकसद समाज के कमजोर वर्गों को सम्मान, सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाना है। उन्होंने दोहराया कि बहुजन समाज को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
अपने संदेश में मायावती ने कहा कि समाज को भावनाओं के बजाय समझदारी से काम लेना होगा। अगर लोग संगठित होकर अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करेंगे तो राजनीतिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और उनके अधिकार भी मजबूत होंगे।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें और लोकतांत्रिक तरीके से समाज को मजबूत बनाने का अभियान चलाएं। BSP का लक्ष्य सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में दलित समाज से जुड़े कई मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे माहौल में उनका यह संदेश आने वाले समय की राजनीति पर असर डाल सकता है। हालांकि विभिन्न दल इस मुद्दे पर अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
BSP का कहना है कि पार्टी आगे भी बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों के अनुसार सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक संघर्ष के रास्ते पर चलती रहेगी। मायावती ने अंत में कहा कि समाज को किसी भी उकसावे से बचते हुए शांति, एकता और मतदान की ताकत पर भरोसा रखना चाहिए। यही बहुजन समाज की तरक्की और सम्मान का सबसे मजबूत रास्ता है। Mayawati Statement

