Shamli Highway Landslide: शामली: देशभर में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ सड़क और बुनियादी ढांचे पर भी गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही लैंडस्लाइड की घटनाओं के बीच अब मैदानी क्षेत्रों से भी सड़क धंसने और हाईवे क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आने लगी हैं। दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, मुंबई हाईवे और करनाल–मेरठ–सहारनपुर हाईवे के कुछ हिस्सों में बारिश के कारण नुकसान होने की जानकारी मिल रही है, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के शामली जिले से भी एक अहम मामला सामने आया है। लगातार बारिश के चलते करनाल–मेरठ–सहारनपुर हाईवे के एक हिस्से में लैंडस्लाइड जैसी स्थिति बन गई। सड़क का मलबा और मिट्टी खिसककर पास के एक किसान के खेत में जा गिरी, जिससे उसकी खड़ी फसल और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।
पीड़ित किसान ने प्रशासन से मौके का सर्वे कराने और हुए नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। किसान का कहना है कि उसकी मेहनत की पूरी फसल बर्बाद हो गई है और यदि जल्द सहायता नहीं मिली तो आर्थिक संकट और गहरा जाएगा।

घटना के बाद इलाके के लोगों में भी चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे निर्माण के दौरान तय मानकों के अनुसार गुणवत्ता का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि हाल ही में बने सड़क मार्ग पहली बड़ी बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाए। लोगों का कहना है कि जब इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों और राहगीरों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि कहीं निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है ताकि यातायात सामान्य किया जा सके Shamli Highway Landslide
बारिश के कारण हाईवे प्रभावित होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर एहतियात के तौर पर वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है, जबकि कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है ताकि यातायात सामान्य किया जा सके। Shamli Highway Landslide
हालांकि, निर्माण गुणवत्ता को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में अभी कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जहां भी आवश्यकता होगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार और अत्यधिक बारिश के कारण नई और पुरानी दोनों प्रकार की सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और जल निकासी व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल प्रभावित किसान प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है, जबकि स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर जारी रहा तो अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह की घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। Shamli Highway Landslide

